राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत में एआई को मिलेगा बढ़ावा, तीन उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से नई तकनीक का विकास

15 अक्टूबर 2024, नई दिल्ली: भारत में एआई को मिलेगा बढ़ावा, तीन उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से नई तकनीक का विकास –  केंद्र सरकार ने देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है। ये केंद्र प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग भागीदारों, और स्टार्टअप्स के सहयोग से संचालित होंगे। इनका उद्देश्य अत्याधुनिक एआई अनुप्रयोगों का विकास और एआई के क्षेत्र में गुणवत्ता वाले मानव संसाधनों को तैयार करना है।

बजट घोषणा के अनुरूप एआई केंद्रों की स्थापना

इन एआई उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की घोषणा 2023-24 के केंद्रीय बजट में की गई थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2027-28 के बीच सरकार ने इस पहल के लिए 990 करोड़ रुपये के वित्तीय व्यय को मंजूरी दी है। इन केंद्रों का फोकस तीन प्रमुख क्षेत्रों में अंतःविषय अनुसंधान और नवीन समाधान तैयार करने पर होगा।

केंद्रों का नेतृत्व शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर किया जाएगा। इस पहल के तहत भारत में एआई को विकसित करने के साथ-साथ उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के बीच मजबूत संबंध बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, एआई तंत्र को बेहतर बनाने और भारत के लिए उपयुक्त एआई समाधान तैयार करने पर जोर रहेगा।

उच्च शिक्षा सचिव और उद्योग विशेषज्ञों की उपस्थिति

इस योजना की देखरेख के लिए एक शीर्ष समिति का गठन किया गया है, जिसकी सह-अध्यक्षता ज़ोहो कॉर्पोरेशन के संस्थापक और सीईओ डॉ. श्रीधर वेम्बू करेंगे। इसके अलावा, इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव श्री के. संजय मूर्ति, आईआईटी के निदेशक, स्टार्टअप संस्थापक और अन्य प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।

Advertisement
Advertisement

एआई के क्षेत्र में सरकार की यह पहल तकनीकी विकास को गति देने और गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधनों को प्रशिक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत में एआई तकनीक के अनुप्रयोग को बढ़ावा मिलेगा और देश के तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement