एमएसपी को प्रभावी बनाने के लिए कृषि मंत्रालय ने बनाई कमेटी 

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पूर्व केन्द्रीय कृषि सचिव श्री अग्रवाल होंगे अध्यक्ष

29 जुलाई 2022, नई दिल्ली: एमएसपी को प्रभावी बनाने के लिए कृषि मंत्रालय ने बनाई कमेटी – एमएसपी, प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण समेत अन्य मुद्दों पर सुझाव देने के लिए सरकार ने 29 सदस्यीय एक वृहद कमेटी का गठन कर दिया है। सरकार ने घोषित समिति में संयुक्त किसान मोर्चा के तीन सदस्यों के लिए स्थान रिक्त रखा है।
अधिसूचित समिति को सुझाव देने के लिए तीन प्रमुख विषयों को भी स्पष्ट कर दिया गया है। समिति की अध्यक्षता पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल को सौंपी गई है।
समिति में नीति आयोग में सदस्य रमेश चंद, कृषि अर्थशास्त्री डा. सीएससी शेखर (भारतीय आर्थिक विकास संस्थान) , आईआईएम अहमदाबाद के डा. सुखपाल सिंह, उन्नत किसान भारत भूषण त्यागी, किसान प्रतिनिधियों में तीन संयुक्त किसान मोर्चा के लिए रिक्त रखे गए हैं, जबकि अन्य किसान संगठनों से  डाक्टर कृष्णवीर चौधरी, श्री गुणवंत पाटिल, श्री प्रमोद कुमार चौधरी, श्री गुणी प्रकाश व सैय्यद पाशा पटेल सदस्य रहेंगे।
सहकारिता क्षेत्र से इफको चेयरमैन दिलीप संघानी और बिनोद आनंद (सीएनआरआई) के अलावा सीएसीपी के वरिष्ठ सदस्य नवीन पी. सिंह को समिति में सदस्य मनोनीत किया गया है। कृषि विश्वविद्यालयों व संस्थानों से डा. पी चंद्रशेखर, डा. जेपी शर्मा (जम्मू) और जबलपुर के डा. प्रदीप कुमार बिसेन, केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों में कृषि सचिव, आइसीएआर के महानिदेशक, खाद्य सचिव, सहकारिता सचिव, वस्त्र सचिव और चार राज्य सरकारों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा के कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिवों को समिति में  रखा गया है। कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव (फसल) को समिति का सचिव नियुक्त किया गया है।
ये  समिति मुख्यत: तीन विषयों पर सुझाव देगी।
एमएसपी- समर्थन मूल्य किसानों को पारदर्शी तरीके एवं उचित व्यवस्था से मिलने के साथ-साथ कृषि लागत एवं मूल्य आयोग को अधिक स्वायत्तता देना चाहिए।
प्राकृतिक खेती- इसके क्षेत्र विस्तार के लिए कार्यक्रम और योजनाओं पर सुझाव, प्रचार-प्रसार अनुसंधान संस्थान एवं केवीके को ज्ञान केन्द्र बनाने आदि।
फसल विविधीकरण- राज्यों की फसल प्रणाली की मैपिंग,  बदलती आवश्यकताओं के अनुसार ‘फसल फद्धति में परिवर्तन , लाभकारी मूल्य मिलने की व्यवस्था आदि ।


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