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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

1 साल 13 दिनों बाद किसान आंदोलन समाप्त

9 दिसंबर 2021, नईदिल्ली ।  1 साल 13 दिनों बाद किसान आंदोलन समाप्त – केन्द्र सरकार से सहमति बनने के पश्चात दिल्ली बॉर्डर पर 1 साल 13 दिनों से चल रहा किसान आंदोलन खत्म कर दिया गया है। किसान नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि, यह मोर्चे का अंत नहीं है। हमने इसे स्थगित किया है। 15 जनवरी को फिर संयुक्त किसान मोर्चा की फिर मीटिंग होगी। जिसमें आंदोलन की समीक्षा करेंगे। सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने टेंट उखाडऩे शुरू कर दिए हैं वहीं, आंदोलन की अगुआई करने वाले पंजाब के 32 किसान संगठनों ने अपना कार्यक्रम भी बना लिया है। सिंघु और टिकरी बॉर्डर से किसान एक साथ पंजाब के लिए वापस रवाना होंगे। 15 दिसंबर को पंजाब में करीब 113 जगहों पर लगे मोर्चे खत्म कर दिए जाएंगे। हरियाणा के 28 किसान संगठन भी अलग से रणनीति बना चुके हैं।

भारत सरकार की ओर से कृषि सचिव द्वारा दिये गये प्रस्तावों पर सहमति बनी है। प्रस्ताव के मुताबिक एमएसपी के लिए केंद्र सरकार कमेटी बनाएगी, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि लिए जाएंगे। अभी जिन फसलों पर एमएसपी मिल रहा है, वह जारी रहेगा। एमएसपी पर जितनी खरीद होती है, उसे भी कम नहीं किया जाएगा। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश सरकार केस वापसी पर सहमत हो गई है। दिल्ली और अन्य केंद्रशासित प्रदेशों में दर्ज केस भी तत्काल वापस होंगे।

मुआवजे पर भी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सहमति बन गई है। पंजाब सरकार की तरह ही यहां भी मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही बिजली संशोधन बिल को सरकार सीधे संसद में नहीं ले जाएगी। पहले उस पर किसानों के अलावा सभी संबंधित पक्षों से चर्चा होगी।

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प्रदूषण कानून को लेकर किसानों को सेक्शन 15 से आपत्ति थी। जिसमें किसानों को कैद नहीं, लेकिन जुर्माने का प्रावधान है। इसे केंद्र सरकार हटाएगी।

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केंद्र सरकार ने इस बार सीधे संयुक्त किसान मोर्चा की 5 मेंबरी हाईपावर कमेटी से मीटिंग की। हाईपावर कमेटी के मेंबर सर्वश्री बलबीर राजेवाल, गुरनाम चढ़ूनी, अशोक धावले, युद्धवीर सिंह और शिवकुमार नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया किसान सभा के ऑफिस पहुंचे, जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अफसर भी जुड़े। सबसे बड़ा पेंच केस पर फंसा था, जिसे तत्काल वापस लेने पर केंद्र राजी हो गया।