राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ई-नाम पोर्टल पर जुड़े 7 नए कृषि उत्पाद, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और बड़ा बाजार

13 जुलाई 2025, नई दिल्ली: ई-नाम पोर्टल पर जुड़े 7 नए कृषि उत्पाद, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और बड़ा बाजार – किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और कृषि व्यापार को डिजिटल रूप देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) पोर्टल पर अब 7 नए कृषि उत्पाद शामिल कर लिए गए हैं। इसके साथ ही इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर व्यापार योग्य कृषि उत्पादों की कुल संख्या 238 हो गई है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन नए उत्पादों को ई-नाम में शामिल करने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बेहतर दाम, बाजार की पहुंच और डिजिटल व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।

ये 7 नए उत्पाद जोड़े गए

1. जर्दालू आम
2. शाही लीची
3. गन्ना
4. मर्चा चावल
5. कतरनी चावल
6. मगही पान
7. बनारसी पान

कृषि मंत्रालय के अनुसार, इन उत्पादों के ई-नाम प्लेटफॉर्म से जुड़ने से देश के किसानों को खासतौर पर स्थानीय और पारंपरिक फसलों को बेहतर दाम मिलने का मौका मिलेगा। उदाहरण के लिए, बिहार की शाही लीची और मगही पान, या उत्तर प्रदेश का बनारसी पान अब देशभर में खरीदारों तक पहुँच सकेगा।

Advertisement
Advertisement

4 मौजूदा उत्पादों के मापदंडों में भी सुधार

कृषि मंत्रालय ने किसानों और व्यापारियों के सुझावों के आधार पर 4 मौजूदा उत्पादों के व्यापार योग्य मापदंडों में भी संशोधन किया है:
1. सिंघाड़े का आटा
2. सिंघाड़ा
3. बेबी कॉर्न
4. ड्रैगन फ्रूट

Advertisement
Advertisement

इन बदलावों से उत्पादों की गुणवत्ता की पहचान आसान होगी और किसानों को उनके उत्पाद की क्वालिटी के आधार पर उचित कीमत मिल सकेगी।

क्या है ई-नाम पोर्टल का लाभ?


ई-नाम पोर्टल एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे किसानों को पारदर्शी और निष्पक्ष व्यापार का अवसर देने के लिए शुरू किया गया था। यह प्लेटफॉर्म किसानों, व्यापारियों और मंडियों को आपस में जोड़ता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और किसानों को सीधे खरीदार से सौदा करने का अवसर मिलता है।

कृषि मंत्रालय ने बताया कि इन नए उत्पादों को ई-नाम पोर्टल (enam.gov.in) पर जोड़ा जा चुका है, और इनके व्यापार योग्य मापदंड भी तय किए जा चुके हैं। इससे डिजिटल ट्रेडिंग और आसान होगी और किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी का रास्ता खुलेगा।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement