राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

7 और राज्यों की 200 मंडियां ई-नाम से जुड़ी

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7 और राज्यों की 200 मंडियां ई-नाम से जुड़ी
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से किया शुभारंभ
ई-नाम पर 1 लाख करोड़ रू. से ज्यादा का कारोबार हुआ

नई दिल्ली, 1 मई 2020। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सात और राज्यों की 200 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई- नाम) से जोड़ दिया। इनके सहित 785 मंडियां इस प्लेटफार्म से जुड़ गई हैं। शीघ्र ही इनकी संख्या एक हजार हो जाएगी।। ई- नाम पर 1 लाख करोड़ रू. से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।

14 अप्रैल 2016 को 21 मंडियों के साथ शुरू हुई ई- नाम से 585 मंडियां जुड़ चुकी है और आज 200 मंडियां जुड़ने के साथ कुल संख्या 785 हो गई हैं। नई जुड़ी मंडियों में 94 राजस्थान की, 27 तमिलनाडु की, 25-25 गुजरात व उत्तरप्रदेश की, 16 ओडिशा की, 11 आंध्रप्रदेश की तथा 2 कर्नाटक की शामिल हैं। इस मौके पर कृषि भवन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी व सचिव श्री संजय अग्रवाल उपस्थित थे, वहीं केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला तथा विभिन्न राज्यों के मंडी पदाधिकारी-अधिकारी इत्यादि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि ई-नाम कृषि विपणन में एक अभिनव पहल है, जो किसानों की पहुंच को कई बाजारों-खरीदारों तक डिजिटल रूप से पहुंचाता है, कीमत में सुधार के इरादे से व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता लाता है, गुणवत्ता के अनुसार कीमत व उपज के लिए “एक राष्ट्र-एक बाजार” की अवधारणा को विकसित करता है। प्रौद्योगिकी का हमारे कामकाज में अधिक से अधिक उपयोग हो, इसी दृष्टिकोण के आधार पर कृषि मंत्रालय ने ई- नाम प्लेटफार्म ईजाद किया था।

श्री तोमर ने कहा- प्रसन्नता की बात है कि इस पर 1 लाख करोड़ रू. से अधिक का व्यापार हो चुका है और 1.66 करोड़ से ज्यादा किसान,1.28 लाख से अधिक व्यापारी पंजीकृत हैं। लाकडाउन के दौरान भी करोड़ों रू. का व्यापार ई- नाम के माध्यम से हुआ है। 200 मंडियां जुड़ने के साथ संख्या 785 हो गई है और कृषि मंत्रालय के संबंधित अधिकारी शिदद्त के साथ जुटे हुए है, जिससे उम्मीद है कि मई अंत तक ई- नाम से जुड़ने वाली कुल मंडियां एक हजार हो जाएगी। खेती-किसानी के क्षेत्र में यह क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहा है और इसका सार्थक उपयोग हुआ है।

150 कृषि जींस व गुणवत्ता जांच-

ई- नाम पर व्यापार में सुविधा हेतु शुरू में 25 कृषि जींसों के लिए मानक मापदंड विकसित किए गए थे, जो अब बढ़कर 150 है। ई- नाम मंडियों में कृषि उत्पादों की गुणवत्ता परीक्षण की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जो किसानों को उपज की गुणवत्ता के अनुरूप कीमतें दिलाने में मदद करती हैं। वर्ष 2016-17 में गुणवत्ता जांच लॉट संख्या 1 लाख से बढ़कर 2019-20 में 37 लाख हो गई हैं।

“किसानों के अनुकूल”-

ई- नाम प्लेटफॉर्म/मोबाइल ऐप को “किसानों के अनुकूल” सुविधाओं के साथ और मजबूत किया गया है, जैसे कि ऐप के माध्यम से लॉट का एडवांस पंजीकरण, जो बदले में मंडी गेट पर किसानों के लिए प्रतीक्षा समय को कम करेगा एवं गेट पर कृषि उत्पाद के आगमन की रिकॉर्डिंग की सुविधा देगा। किसान मोबाइल पर भी गुणवत्ता जांच रिपोर्ट देख सकते है, मोबाइल से किसान अपने लॉट की ऑनलाइन बोलियों की प्रगति देख सकते हैं और आसपास की मंडियों में कीमतों की वास्तविक समय की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक तौल व अन्य कई सुविधाएं-

वजन तौलने में पारदर्शिता के लिए ई- नाम पर बोली लगाने के बाद किसानों को उपज सही ढंग से तौलने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तराजू प्रदान किए गए हैं। व्यापारियों द्वारा किसानों को भुगतान BHIM ऐप का उपयोग करके मोबाइल फोन के माध्यम से किया जा सकता है। व्यापारियों के लिए अतिरिक्त ओटीजी (ऑन द गो) फीचर्स जोड़े गए हैं, जैसे कि खरीदारों के लिए मंडी में भौतिक रूप से मौजूद हुए बगैर बोली लगाना, ट्रेडर लॉगिन में ई- नाम शॉपिंग कार्ट सुविधा, कई इन्वॉइसेस के लिए एकल ई-भुगतान लेनदेन सुविधाएं/बंचिंग ई-भुगतान के दौरान व्यापारियों को ई-भुगतान, एकीकृत ट्रेडिंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आदि।

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One thought on “7 और राज्यों की 200 मंडियां ई-नाम से जुड़ी

  • isase kisano ko fayda hoga

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