राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

33.4 मिलियन हेक्टेयर रबी गेहूं फसल गर्मी के दबाव के बावजूद मजबूत

28 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: 33.4 मिलियन हेक्टेयर रबी गेहूं फसल गर्मी के दबाव के बावजूद मजबूत – भारत सरकार ने वर्ष 2025-26 के गेहूं उत्पादन परिदृश्य को लेकर स्पष्ट किया है कि मौजूदा रबी सीजन की गेहूं फसल मिश्रित परिस्थितियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है। सरकार के अनुसार, मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच किसानों द्वारा अपनाए गए समयबद्ध प्रबंधन, बढ़ा हुआ रकबा और उन्नत किस्मों के उपयोग ने फसल को सहारा दिया है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस सीजन में गेहूं की बुवाई लगभग 33.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। कई राज्यों में समय पर और जल्दी बुवाई होने से न केवल क्षेत्रफल बढ़ा, बल्कि फसल को अंतिम चरण में पड़ने वाली गर्मी से बचाने में भी मदद मिली।

हालांकि, सीजन के अंतिम चरण में फरवरी महीने के दौरान असामान्य रूप से अधिक तापमान दर्ज किया गया, जिससे कुछ क्षेत्रों में दाना भरने की अवधि कम हुई और उत्पादकता पर असर पड़ने की आशंका बनी। इसके अलावा, कुछ इलाकों में पकने के समय बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से दाने की गुणवत्ता और उत्पादन पर स्थानीय स्तर पर प्रभाव पड़ने की संभावना जताई गई है।

इसके बावजूद सरकार ने कहा है कि इस वर्ष गेहूं फसल में किसी बड़े कीट या रोग प्रकोप की सूचना नहीं मिली है। फसल वृद्धि के दौरान खरपतवार का दबाव भी कम रहा, जिससे उत्पादन पर नकारात्मक असर सीमित रहा।

सरकार ने फसल की मजबूती के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें 0.6 मिलियन हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में बुवाई, जल्दी बुवाई का बढ़ता रुझान, तथा उच्च उत्पादकता, जलवायु सहनशील और रोग प्रतिरोधी किस्मों को तेजी से अपनाया जाना शामिल है। बेहतर किस्मों के उपयोग से फसल को गर्मी और अन्य जैविक तनावों का सामना करने में सहायता मिली है।

इन सभी कारकों को देखते हुए सरकार का अनुमान है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से हुए स्थानीय नुकसान की भरपाई बढ़े हुए रकबे, समय पर बुवाई और उन्नत किस्मों के उपयोग से हो जाएगी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं उत्पादन 2024-25 के स्तर के आसपास स्थिर रह सकता है।

प्रमुख राज्यों में मजबूत खरीद संकेत

सरकार ने यह भी बताया कि प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की आवक और खरीद के आंकड़े बेहतर उत्पादन की ओर संकेत कर रहे हैं।

हरियाणा में मंडियों में गेहूं आवक सरकारी खरीद लक्ष्य 75 लाख मीट्रिक टन से आगे निकल चुकी है, जबकि अब तक 56.13 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 9 लाख मीट्रिक टन अधिक है।

मध्य प्रदेश में प्रारंभिक खरीद लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन रखा गया था, जिसे राज्य सरकार के अनुरोध और बेहतर उत्पादन अनुमान के आधार पर बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।

महाराष्ट्र में वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं उत्पादन का अनुमान लगभग 22.90 लाख टन लगाया गया है, जो हाल के वर्षों की तुलना में स्थिर वृद्धि को दर्शाता है। राज्य के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों से लगातार आवक दर्ज की जा रही है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements