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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

26.18 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बने, मिट्टी की सेहत सुधारने पर भारत सरकार का जोर

14 अगस्त 2026, नई दिल्ली: 26.18 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बने, मिट्टी की सेहत सुधारने पर भारत सरकार का जोर – खेती की उत्पादकता बढ़ाने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए भारत सरकार मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर लगातार जोर दे रही है। इसी दिशा में अब तक देशभर में 26.18 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Cards) तैयार किए जा चुके हैं। इन कार्डों के माध्यम से किसानों को उनकी खेत की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति और आवश्यक उर्वरकों के इस्तेमाल को लेकर सिफारिशें उपलब्ध कराई जाती हैं।

भारत सरकार के अनुसार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई सिफारिशों के आधार पर उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने से मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ फसल उत्पादन में सुधार लाने में मदद मिल रही है। इससे किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरकों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है और अनावश्यक उर्वरक उपयोग को कम किया जा सकता है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की वास्तविक स्थिति के आधार पर खेती के फैसले लेने में सक्षम बनाना है। मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश सहित अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी मिलने से किसान फसल के अनुसार पोषक तत्वों का प्रबंधन बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

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भारत सरकार की कोशिश है कि मिट्टी की सेहत और कृषि उत्पादकता के बीच संतुलन कायम रहे। लंबे समय तक रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक सिफारिशों के आधार पर उर्वरक प्रबंधन टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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