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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

PM Kisan की 23वीं किस्त जारी, 9.44 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे ₹18,880 करोड़

22 जून 2026, नई दिल्ली: PM Kisan की 23वीं किस्त जारी, 9.44 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे ₹18,880 करोड़ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना की 23वीं किस्त जारी कर देशभर के करोड़ों किसानों को बड़ी सौगात दी। प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से एक क्लिक में 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की। इस किस्त के तहत प्रत्येक पात्र किसान को 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिली है।

अब तक किसानों को मिल चुके हैं 4.46 लाख करोड़ रुपये

केंद्र सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक किसानों को 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। सरकार का कहना है कि यह राशि किसानों को खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में मदद करती है।

पश्चिम बंगाल के किसानों को पहली बार मिला बड़ा लाभ

पीएम किसान योजना की ताजा किस्त के तहत पश्चिम बंगाल के 45.35 लाख से अधिक किसानों को लगभग 907 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। इसके साथ ही राज्य में योजना के तहत किसानों को अब तक दी गई कुल सहायता 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। सरकार का मानना है कि इससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिलेगा।

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फसल बीमा योजनाओं को मिली नई गति

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) से जुड़ी नई पहल की भी शुरुआत की। इन दोनों योजनाओं की संयुक्त अनुमानित लागत करीब 12,200 करोड़ रुपये है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत करीब 28,140 करोड़ रुपये मूल्य की फसलों को बीमा सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी की गई है।

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डिजिटल कृषि मिशन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, सरकारी खरीद और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सेवाओं तक डिजिटल पहुंच मिलेगी।

इसके साथ ही राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन की शुरुआत भी की गई। पश्चिम बंगाल में 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिनसे 43,250 किसानों को जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है।

धन-धान्य कृषि योजना से चार जिलों को लाभ

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम जिलों को शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना तथा कृषि प्रसंस्करण और भंडारण सुविधाओं को मजबूत बनाना है।

ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 213 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 49 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। 315 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली इन सड़कों से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।

मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्र को भी मिली मजबूती

कार्यक्रम के दौरान दक्षिण 24 परगना के फ्रेजरगंज में विकसित मत्स्य बंदरगाह और बीरभूम में आधुनिक मत्स्य बाजार का उद्घाटन किया गया। वहीं नादिया जिले के हरिणघाटा में 6 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित रीजनल सीमन प्रोडक्शन लैबोरेटरी और बकरी सीमन बैंक की भी शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पशुधन उत्पादकता बढ़ाना और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देना है।

रेलवे और स्वास्थ्य परियोजनाओं की भी सौगात

प्रधानमंत्री ने लगभग 591 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें हावड़ा में 300 बिस्तरों वाले नए मंडलीय रेलवे अस्पताल की आधारशिला, पूर्व मेदिनीपुर में रोड ओवर ब्रिज तथा कराइल-सांतरागाछी थर्ड लाइन परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाओं और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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