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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

यूनिवर्सल एग्रो के उत्पाद से हज़ारों एकड़ की सोयाबीन फसल बर्बाद                  

कम्पनी के जवाब में सामने आया कुतर्क

26 जुलाई 2025, इंदौर: यूनिवर्सल एग्रो के उत्पाद से हज़ारों एकड़ की सोयाबीन फसल बर्बाद – किसान अच्छे बीज का चयन कर बीजोपचार के बाद  ही बुवाई करता है, ताकि अच्छी उपज प्राप्त हो।  लेकिन किसानों के साथ लगातार होने वाली धोखाधड़ी ने अच्छी उपज पाने के सपने को बहुत दूर कर दिया है। ताज़ा मामला  यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज़ नामक कम्पनी के उत्पाद Spur -907  ( कार्बेन्डाजिम 12 % + मैंकोजेब 63   % डब्ल्यूपी ) का सामने आया है , जिसके इस्तेमाल से मध्यप्रदेश के  सीहोर, देवास और  हरदा  जिले के कई किसानों की करीब 3 हज़ार एकड़ में बोई गई सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई। इस मामले को लेकर किसानों द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन  कर  मुख्यमंत्री से मुआवजे दिलाने की मांग की है । सीहोर जिले में  यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज के सभी उत्पाद प्रतिबंधित कर कम्पनी के संचालक और विक्रेता के खिलाफ थाना आष्टा में गत दिनों एफआईआर दर्ज़ करा दी गई । वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज़ द्वारा उप संचालक सीहोर को  दिए जवाब में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए यह कुतर्क किया कि इस उत्पाद को  सिर्फ धान की फसल में प्रयोग की अनुशंसा की गई है , जबकि  किसानों ने सोयाबीन फसल पर इसका गलत प्रयोग किया। कृषक जगत  ने  केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड, नई दिल्ली की वेब साइट पर  पाया कि कार्बेन्डाजिम 12 % + मैंकोजेब 63 % डब्ल्यूपी  को  सोयाबीन फसल में बीजोपचार के लिए भी अनुशंसित किया गया  है।इस तथ्य की जानकारी निर्माता कम्पनी को न होना अपने आप में बड़ा सवाल है।

उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज द्वारा  निर्मित इस उत्पाद  को लेकर  किसानों ने अपनी शिकायत में बताया कि इस दवा के प्रयोग करने पर  सोयाबीन की फसल में अंकुरण के बाद  फसल की बढ़वार नहीं हुई और अवरूद्ध विकास के कारण पूरी फसल नष्ट हो गई। जिससे किसानों को भारी आर्थिक  क्षति  हुई । कृषि विभाग द्वारा शिकायतों के परीक्षण एवं क्षेत्रीय निरीक्षण के बाद यह उत्पाद गुणवत्ता के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने  तथा कंपनी द्वारा कीटनाशी अधिनियम का भी उल्लंघन किए जाने के फलस्वरूप उप संचालक  कृषि ,सीहोर द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अमानक फफूंदनाशक दवा SPUR 709 बनाने वाली कंपनी यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज के कीटनाशक, फफूंदनाशक दवाओं सहित सभी उत्पादों की सीहोर  जिले में बिक्री, भंडारण, वितरण और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया ।  यही नहीं उप संचालक ने इस संबंध में विभाग के संचालक को इस उत्पाद की बिक्री को संपूर्ण राज्य में प्रतिबंधित करने के लिए पत्र भी लिखा है।

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उप संचालक कृषि, सीहोर ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए   कम्पनी के संचालक और विक्रेता सहित तीन लोगों के खिलाफ थाना आष्टा में बीएनएस 2023 की धारा 318 ( 4 ), कीटनाशी अधिनियम 1968  की धारा 29  एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955  की धारा 3 एवं 7 के तहत गत दिनों  एफआईआर दर्ज़ कराई गई है। कृषि आदान विक्रेता संघ ,भोपाल  ने भी यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज ,कोलकता को पत्र लिखकर कहा है कि उनके उत्पाद SPUR 709  से मप्र में हज़ारों एकड़ में किसानों की सोयाबीन फसल का जो नुकसान हुआ है उसका मुआवजा देने की घोषणा कर उसे क्रियान्वित करें ,अन्यथा  प्रदेश संगठन को  यूनिवर्सल कम्पनी के समस्त उत्पादों का बहिष्कार करने का निर्णय लेना पड़ेगा।

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यह मामला न केवल एक कृषि उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि बिना जवाबदेही और नियंत्रण के चलते कैसे कंपनियाँ किसानों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रही हैं। जरूरत है कड़े नियमन, पारदर्शिता और समय पर न्यायिक कार्रवाई की, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी त्रासदी से न गुजरना पड़े।

 यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज की वाइस प्रेसिडेंट एवं सेल्स एन्ड मार्केटिंग हेड सुष्मिता रॉय ने कृषक जगत को बताया कि इस उत्पाद का ज़्यादा दुष्प्रभाव नहीं हुआ है। इससे अधिक जानकारी नहीं दे सकती  हूं ।  

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