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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

पारिजात इंडस्ट्रीज ने गेहूं के लिए नया खरपतवार नाशक कॉन्टेक्स्ट लॉन्च किया

28 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: पारिजात इंडस्ट्रीज ने गेहूं के लिए नया खरपतवार नाशक कॉन्टेक्स्ट लॉन्च किया – पारिजात इंडस्ट्रीज ने गेहूं की फसल में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए कॉन्टेक्स्ट नामक खरपतवार नाशक लॉन्च किया है। इसमें फ्लूरोक्सीपायर (Fluroxypyr) और मेट्रिब्यूजिन (Metribuzin) दो सक्रिय घटक शामिल हैं। कंपनी ने इसे रबी 2026 सीजन के लिए पेश किया है। यह उत्पाद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित गेहूं उत्पादक राज्यों में उपलब्ध होगा।

कॉन्टेक्स्ट में अलग-अलग कार्यप्रणाली वाले दो सक्रिय घटकों का संयोजन किया गया है। इसका प्री-मिक्स फॉर्मूलेशन किसानों को छिड़काव से पहले दोनों घटकों को अलग-अलग मिलाने की जरूरत को समाप्त करता है।

परिजात इंडस्ट्रीज ने गेहूं के लिए नया शाकनाशी ‘कॉन्टेक्स्ट’ लॉन्च किया

गेहूं में खरपतवार नियंत्रण की चुनौती

पारिजात इंडस्ट्रीज के घरेलू कारोबार के सीईओ उदय राज आनंद ने कहा कि कॉन्टेक्स्ट कंपनी के गेहूं के खरपतवार नाशक उत्पादों की श्रृंखला का विस्तार करता है। उन्होंने कहा कि कंपनी का ध्यान किसानों की जरूरतों के आधार पर फसल सुरक्षा उत्पाद विकसित करने पर है।

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पारिजात इंडस्ट्रीज में रणनीतिक विपणन प्रमुख सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि गेहूं की फसल में बथुआ (Chenopodium album), जंगली पालक (Rumex प्रजाति), जंगली सरसों (Coronopus प्रजाति) और मकोय (Solanum nigrum) जैसे चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार कई क्षेत्रों में चुनौती बने हुए हैं।

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कई गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में अंकुरण से पहले इस्तेमाल किए जाने वाले खरपतवार नाशकों से गुल्ली-डंडा (Phalaris minor) के नियंत्रण में मदद मिली है, लेकिन चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार कुछ खेतों में समस्या बने हुए हैं।

ये खरपतवार गेहूं की फसल के साथ नमी, पोषक तत्वों और सूर्य के प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। इससे फसल की वृद्धि और दाने की उपज प्रभावित हो सकती है।

दो सक्रिय घटकों का संयोजन

कॉन्टेक्स्ट में फ्लूरोक्सीपायर शामिल है, जो सिंथेटिक ऑक्सिन समूह का खरपतवार नाशक है और HRAC समूह 4 में आता है। दूसरा घटक मेट्रिब्यूजिन है, जो प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है और HRAC समूह 5 में वर्गीकृत है।

कंपनी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चयनित स्थानों पर किए गए बहु-स्थान परीक्षणों में अनुशंसित अवस्था और खुराक पर उपयोग करने से खरपतवार नियंत्रण के परिणाम मिले।

प्री-मिक्स फॉर्मूलेशन से दोनों सक्रिय घटकों को अलग-अलग मिलाने की जरूरत नहीं होती। कंपनी ने कहा कि किसानों को उत्पाद का उपयोग स्वीकृत लेबल निर्देशों और स्थानीय सिफारिशों के अनुसार करना चाहिए।

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