जैन इरिगेशन 19 हज़ार टन बायोचार कार्बन क्रेडिट्स की आपूर्ति करेगी
‘सुपरक्रिटिकल’ कंपनी के साथ महत्वपूर्ण समझौता
31 अक्टूबर 2026, जलगांव: जैन इरिगेशन 19 हज़ार टन बायोचार कार्बन क्रेडिट्स की आपूर्ति करेगी – कृषि और सिंचाई क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ‘जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड’ ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कार्बन रिमूवल मार्केटप्लेस ‘सुपरक्रिटिकल’ (Supercritical) के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है। इस समझौते के तहत जैन इरिगेशन २०२६-२७ की अवधि में लगभग 19,000 टन तक के ‘बायोचार कार्बन रिमूवल क्रेडिट्स’ (Biochar Carbon Removal Credits) की आपूर्ति करेगी।
औद्योगिक कचरे से राजस्व का निर्माण – जैन इरिगेशन के जलगांव (महाराष्ट्र) स्थित अत्याधुनिक औद्योगिक बायोचार संयंत्र से ये कार्बन क्रेडिट्स तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र में कृषि अवशेषों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से निकलने वाले कचरे पर ‘गैसीफिकेशन’ (Gasification) प्रक्रिया के माध्यम से काम किया जाता है। इससे ‘बायोचार’ तैयार होता है। बायोचार मिट्टी में मिलाने पर हवा में मौजूद हानिकारक कार्बन को अवशोषित करके कई शताब्दियों तक मिट्टी में सुरक्षित रूप से लॉक करके रखता है। इससे पर्यावरण में कार्बन की मात्रा को कम करने में बड़ी मदद मिलती है।
सतत और पर्यावरण-अनुकूल मॉडल – बायोचार परियोजना की खासियत यह है कि इस प्रक्रिया में बनने वाले सभी उप-उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) का पुनर्चक्रण (रीसाइकिल) किया जाता है। प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाली ‘सिनगैस’ (Syngas) का उपयोग जैन इरिगेशन के कारखानों में जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) के विकल्प के रूप में किया जाता है। वहीं, तैयार बायोचार कंपनी के कृषि व्यवसाय और स्थानीय किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए दिया जाता है। इससे कंपनी का नई परियोजनाओं पर होने वाला पूंजीगत खर्च (Capex) तो बचा ही है, साथ ही ‘कचरे से धन निर्माण’ (Waste to Wealth) का एक आदर्श मॉडल भी स्थापित हुआ है।
जैन इरिगेशन के पास 60 वर्षों के विश्वास की मजबूत श्रृंखला – सुपरक्रिटिकल कंपनी के आपूर्ति प्रबंधक स्टीव मॉरिन ने कहा, “अन्य कंपनियों को बायोचार परियोजनाओं के लिए आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) शून्य से शुरू करनी पड़ती है। हालांकि, जैन इरिगेशन के पास 60 से अधिक वर्षों का मजबूत नेटवर्क और 1 करोड़ से अधिक किसानों का आधार है। जैन इरिगेशन दुनिया की सबसे बड़ी मैंगो प्रोसेसिंग (आम प्रसंस्करण) कंपनी है और प्रतिवर्ष 15 करोड़ पौधों का निर्माण करने वाली टिश्यू कल्चर नर्सरी चलाती है। इसलिए उन्हें कच्चे माल और वितरण में कोई समस्या नहीं है।”
बाजार में बढ़ती मांग – सुपरक्रिटिकल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले बायोचार क्रेडिट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। 2026 के कुल उपलब्ध कोटे का 81 % जुलाई महीने में ही बुक हो गया था, जो पिछले साल की तुलना में 3 महीने पहले ही समाप्त हो गया है। कॉर्पोरेट कंपनियां अब एक बार की खरीदारी के बजाय जैन इरिगेशन जैसी विश्वसनीय कंपनियों के साथ बहु-वर्षीय (Multi-year) समझौते कर रही हैं। इस परियोजना की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए वर्तमान में वैश्विक स्तर पर ‘Puro.earth’ द्वारा सत्यापन चल रहा है, और ‘BeZero Carbon’ द्वारा स्वतंत्र रेटिंग प्रदान करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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