पंजाब सरकार ने गुलाबी सुंडी कीट से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया

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पंजाब के किसानों को फसल नुकसान का आकलन करने से पहले ही मुआवजा दिया जाएगा

31 मार्च 2022, मनसा ।  पंजाब सरकार ने गुलाबी सुंडी कीट से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया – पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान ने घोषणा की कि भविष्य में किसी प्राकृतिक आपदा से किसी भी तरह के नुकसान का सामना करने वाले किसानों को मूल्यांकन पूरा होने से पहले उचित मुआवजा दिया जाएगा।

पिछले साल पिंक बॉलवर्म (गुलाबी सुंडी) के हमले से पंजाब  राज्य के कपास क्षेत्र में किसानों को भारी नुकसान हुआ लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिला। अकेले मानसा जिले में हमले के कारण 56,372 किसानों की 1.36 लाख एकड़ फसल नष्ट हो गई और अब इन किसानों को 17,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 231 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।

किसानों को मुआवजा बांटने के लिए आयोजित समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि फसल नुकसान के आकलन की लंबी और परेशानी भरी प्रक्रिया के बाद किसानों को मुआवजा मिलता है। उन्होंने कहा कि इसे उलट दिया जाएगा और अब किसानों को आकलन से पहले मुआवजा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने आगे उल्लेख किया कि पंजाब के मालवा क्षेत्र में किसानों की कपास की फसल सफेद मक्खी और पिंक बॉलवर्म के हमले के कारण नहीं, बल्कि खराब गुणवत्ता वाले बीज और कीटनाशकों के कारण हुई है । उन्होंने घोषणा की कि इस संबंध में गहन जांच की जाएगी और किसानों को ये नकली बीज और कीटनाशकों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कृषि को लाभदायक उद्यम बनाने का वादा करते हुए कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर रही है ताकि किसानों को अधिक लाभ देने वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने के लिए नई तकनीक पेश की जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राज्य सरकार इसे मुनाफा कमाने वाला पेशा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। श्री भगवंत मान ने कहा कि विभिन्न फसलों के नवीन अनुसंधान एवं उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के लिए कृषि विश्वविद्यालय को धनराशि उपलब्ध कराने के लिए बजटीय प्रावधान किया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राज्य का एकमात्र उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन है। उन्होंने अफसोस जताया कि एक किलो चावल पैदा करने में राज्य का 3,800 लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। श्री भगवंत मान ने किसानों से कम पानी की खपत वाली फसलें उगाने का आग्रह किया क्योंकि पंजाब की उपजाऊ भूमि किसी भी फसल का उत्पादन कर सकती है।

 

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