एनएएएस-धानुका कृषि प्रसार उत्कृष्टता पुरस्कार 2026: कृषि विज्ञान केंद्रों और वैज्ञानिकों को मिला राष्ट्रीय सम्मान
09 जून 2026, नई दिल्ली: एनएएएस-धानुका कृषि प्रसार उत्कृष्टता पुरस्कार 2026: कृषि विज्ञान केंद्रों और वैज्ञानिकों को मिला राष्ट्रीय सम्मान – किसानों तक नई तकनीकों और वैज्ञानिक नवाचारों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने वाले देश के अग्रणी कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), अटारी संस्थानों और कृषि प्रसार वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (एनएएएस) और धानुका एग्रीटेक लिमिटेड द्वारा सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित एनएएएस की वार्षिक आम सभा के दौरान प्रतिष्ठित ‘एनएएएस-धानुका कृषि प्रसार उत्कृष्टता पुरस्कार-2026’प्रदान किए गए।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन संस्थानों और विशेषज्ञों के योगदान को पहचान देना है, जिन्होंने कृषि अनुसंधान को किसानों के खेतों तक पहुँचाने, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि प्रसार तंत्र को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
कृषि वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं का हुआ संवाद
पुरस्कार समारोह के साथ धानुका एग्रीटेक ने 4 जून को पुरस्कार विजेताओं, कृषि वैज्ञानिकों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधियों के लिए विशेष संवाद और रात्रिभोज का आयोजन किया। इस दौरान कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और किसान हितैषी तकनीकों के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया।
पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ चयन
पुरस्कार विजेताओं का चयन एनएएएस द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने किया। चयन प्रक्रिया में तकनीक हस्तांतरण, किसानों तक पहुंच, प्रसार कार्यों में नवाचार, क्षमता निर्माण, वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की दर और कृषि विकास पर प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों का मूल्यांकन किया गया।
इन कृषि विज्ञान केंद्रों को मिला सम्मान
क्षेत्रवार सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पुरस्कार प्राप्त करने वाले संस्थानों में जम्मू-कश्मीर के केवीके अनंतनाग, हरियाणा के केवीके हिसार, पश्चिम बंगाल के केवीके कूचबिहार, असम के केवीके गोलाघाट, मणिपुर के केवीके इम्फाल (पश्चिम), महाराष्ट्र के केवीके नांदेड़-II, आंध्र प्रदेश के केवीके नंद्याल तथा कर्नाटक के केवीके हिरेहल्ली शामिल रहे।
राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ केवीके पुरस्कार हिमाचल प्रदेश के केवीके मंडी को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पंकज सूदने प्राप्त किया।
कोलकाता अटारी बना सर्वश्रेष्ठ संस्थान
सर्वश्रेष्ठ अटारी पुरस्कार आईसीएआर-अटारी, कोलकाता को दिया गया। संस्थान की ओर से इसके निदेशक डॉ. प्रदीप डे ने पुरस्कार ग्रहण किया।
दो वैज्ञानिकों को मिला कृषि प्रसार वैज्ञानिक पुरस्कार
कृषि प्रसार और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आईसीएआर-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर के एकीकृत कृषि प्रणाली प्रभाग के प्रमुख डॉ. धीरज सिंह तथा आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के कृषि प्रसार प्रभाग के प्रमुख एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सत्यप्रिया को कृषि प्रसार वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
किसानों तक तकनीक पहुँचाने वालों का सम्मान जरूरी : डॉ. आर.जी. अग्रवाल
धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के चेयरमैन एमेरिटस डॉ. आर.जी. अग्रवाल ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय कृषि की वास्तविक ताकत केवल वैज्ञानिक खोजों में नहीं, बल्कि उन वैज्ञानिकों और संस्थानों में है जो इन खोजों को किसानों के लिए उपयोगी समाधान में बदलते हैं।
उन्होंने कहा कि सम्मानित किए गए सभी विजेता कृषि प्रसार व्यवस्था के उत्कृष्ट प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने प्रयोगशाला से खेत तक तकनीकों को पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अनुसार एनएएएस-धानुका पुरस्कार कृषि प्रसार और किसान सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुके हैं।
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