जेयू के उत्पादों से मिलती है मुस्कान

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20 अगस्त 2020, इंदौर। जेयू के उत्पादों से मिलती है मुस्कान देश की जानी – मानी कम्पनी जेयू एग्री साइंसेस इण्डिया प्रा.लि. के आर्गेनिक जेयू पोटाश 150 एवं जेयू जि़ंक दो ऐसे उत्पाद हैं, जिनके प्रयोग से न केवल मिट्टी मुस्कुराएगी, बल्कि स्वस्थ पौधों से हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन से किसान भी मुस्कुराएंगे.

उक्त दोनों उत्पादों की जानकारी देते हुए जेयू एग्री साइंसेस इण्डिया के जनरल मैनेजर श्री अनुराग दशपुत्रे ने बताया कि जेयू पोटाश 150 अन्य सामान्य पोटाश उर्वरक से भिन्न है, क्योंकि स्वदेशी तकनीक से निर्मित यह उत्पाद पोटाश के अलावा 7 अन्य पोषक तत्वों से समृद्ध होने एवं अधिक घुलनशील होने के कारण पौधों द्वारा तेज़ी से अवशोषित होता है.कम मात्रा में लगता है. आसान जैव अपघटय के कारण मानव एवं पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित है.

विशुद्ध ऑर्गेनिक एवं चिलेट रूप की प्रकृति के कारण सुरक्षित है. जेयू पोटाश 150 सभी फसलों में पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को बढ़ाता है.इसकी मदद से पौधे की जड़ें मजबूत होने से फसल गिरती नहीं है.पौधों की प्रतिरक्षा प्रणाली से रोग और कीटरोधी क्षमता का विकास होता है. बेहतर गुणवत्ता वाले अधिक फूलों की वृद्धि से पैदावार भी बढ़ती है. जेयू पोटाश 150 का प्रयोग 200 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव या 400 ग्राम /एकड़ टपक सिंचाई द्वारा करें.

भारतीय मिट्टी में करीब 36 प्रतिशत जि़ंक की कमी है. इसकी पूर्ति के लिए उच्चतम गुणवत्ता वाला कम्पनी उत्पाद जेयू जि़ंक 100 प्रतिशत पानी में घुलनशील है. एनपीके के बाद जि़ंक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. क्योंकि प्रकश संश्लेषण क्रिया में एंजाइमों के उत्प्रेरक का महत्वपूर्ण घटक होने से चयापचय की प्रतिक्रियाओं को नियमित करने में तथा कम मात्रा में लगने के बावजूद पौधों के समग्र विकास और विभिन्न आंतरिक प्रक्रियाओं में विशिष्ट भूमिका निभाता है. इससे गुणवत्तायुक्त अच्छी उपज मिलती है. जेयू जि़ंक की खासियत यह है कि यह फास्फोरस के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता है. जि़ंक सल्फेट की तुलना में अधिक जैव प्रभावी है, जो बाज़ार में ईडीटीए में से एक है और सूक्ष्म दानेदार पाउडर के रूप में उपलब्ध है. इसका प्रयोग सभी फसलों में किया जा सकता है.इसे मिट्टी में प्रयोग करने पर 0.5 -1.0 किग्रा/एकड़ और प्रणीय छिड़काव में प्रयोग करने पर 1-2 ग्राम/लीटर पानी की दर से करना चाहिए . सम्पर्क – 9713789998

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