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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

इंडियन पोटाश लिमिटेड और यूपीएल ने गुजरात में टिकाऊ गन्ना खेती के लिए किया तीन वर्षीय समझौता

04 जुलाई 2026, नई दिल्ली: इंडियन पोटाश लिमिटेड और यूपीएल ने गुजरात में टिकाऊ गन्ना खेती के लिए किया तीन वर्षीय समझौता – इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) और यूपीएल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड (यूपीएल एसएएस) ने गुजरात के कोडिनार शुगर मिल क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को अधिक उत्पादक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए तीन वर्ष का सहयोग समझौता किया है। इस पहल के तहत लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक कृषि तकनीकों, पुनर्योजी (रेजेनरेटिव) कृषि और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से किसानों को सहायता प्रदान की जाएगी।

परियोजना का उद्देश्य गन्ने की उत्पादकता में कम से कम 15 प्रतिशत वृद्धि करना है। इसके साथ ही पानी, उर्वरकों और अन्य कृषि संसाधनों के बेहतर उपयोग, खेती की लागत में कमी तथा किसानों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समझौते के तहत यूपीएल एसएएस एक समर्पित कार्यक्रम अधिकारी नियुक्त करेगा, जो खेत स्तर पर गतिविधियों का संचालन करेगा और किसानों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखेगा। कार्यक्रम में बीज चयन, मृदा स्वास्थ्य, सिंचाई प्रबंधन, संतुलित पोषण, फसल सुरक्षा तथा फसल अवशेष प्रबंधन जैसे प्रमुख विषयों पर कार्य किया जाएगा।

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इस पहल में डिजिटल तकनीक का भी व्यापक उपयोग होगा। किसानों को nurture.farm प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से खेतों की जियो-फेंसिंग, कृषि गतिविधियों की निगरानी तथा उनके प्रभाव का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों से किसानों तक तकनीकी जानकारी और कृषि सलाह पहुंचाई जाएगी।

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दोनों कंपनियों का मानना है कि इस कार्यक्रम से कोडिनार शुगर मिल के लिए गन्ने की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार होगा, मिल की क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पानी, उर्वरकों और ऊर्जा की खपत कम करने तथा गन्ना उत्पादन से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को घटाने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर इंडियन पोटाश लिमिटेड के मुख्य कृषि वैज्ञानिक डॉ. यू. एस. तेवतिया ने कहा कि कंपनी किसानों तक वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि तकनीकों को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यूपीएल के साथ यह साझेदारी गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने, किसानों के साथ जुड़ाव मजबूत करने और कोडिनार शुगर मिल के दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनके अनुसार वैज्ञानिक कृषि, डिजिटल निगरानी और पुनर्योजी खेती का यह मॉडल भविष्य में अन्य गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।

यूपीएल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड के हेड–सस्टेनेबिलिटी हर्षल सोनावणे ने कहा कि यह सहयोग टिकाऊ और मजबूत कृषि मूल्य श्रृंखला विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, डिजिटल तकनीक और किसान-केंद्रित समाधानों के माध्यम से गन्ना उत्पादक किसानों की उत्पादकता, लाभप्रदता और पर्यावरणीय प्रदर्शन में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना के दौरान किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, समूह बैठकें, प्रदर्शन प्लॉट, खेत दिवस, फसल कटाई प्रदर्शन तथा व्यक्तिगत कृषि परामर्श जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दोनों संस्थाएं मिलकर अनुशंसित कृषि पद्धतियों के अपनाने, उनकी प्रगति और परियोजना के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन भी करेंगी।

यह पहल गन्ना उत्पादन को अधिक टिकाऊ, संसाधन-कुशल और लाभकारी बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


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