गोदरेज एग्रोवेट का ग्रासिया हुआ लांच

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9 मार्च 2022, इंदौर । गोदरेज एग्रोवेट का ग्रासिया हुआ लांच – देश की प्रतिष्ठित कीटनाशक कम्पनी गोदरेज एग्रोवेट लि. ने अपने सहयोगी निसान केमिकल्स कार्पोरेशन के साथ गत दिनों इंदौर में नया उत्पाद ग्रासिया लांच किया । इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में गोदरेज एग्रोवेट के सीईओ श्री राकेश डोगरा ,निसान केमिकल्स कार्पोरेशन के एमडी श्री राजकुमार यादव शामिल हुए। इसके अलावा एवीपी (मार्केटिंग ) श्री अनिल गुप्ता ,एवीपी (सेल्स ) श्री संदीप कुमार, डीजीएम (टेक्नीकल) डॉ अंकुर वीरमानी,डीजीएम (सेन्ट्रल हेड ) श्री श्रीपदअम्बुलकर ,डीजीएम (सेंट्रल इन्सेक्टीसाइड )  सुश्री पल्लवी ,इंचार्ज (टेक्नीकल) डॉ दीपक टेंगले और बड़ी संख्या में विक्रेतागण उपस्थित थे।

श्री डोगरा ने कहा कि कम्पनी का टर्न ओवर करीब 9 हज़ार करोड़ का है। कम्पनी का केंद्र बिंदु किसान हैं। किसानों की आय दुगुनी हो यही यही हमारा लक्ष्य है। नई तकनीक वाला ग्रासिया निसान केमिकल्स के सहयोग से पेश किया है। ग्रासिया एक नया व्यापक-स्पेक्ट्रम विश्व स्तरीय आधुनिक कीटनाशक है, जिसका वर्गीकरण आई.आर.ए.सी द्वारा 30 वें वर्ग में किया गया  है| यह रसायन  सक्षमता और सुरक्षा दोनों का प्रतीक है| ग्रासिया में फ्लुक्सामेटामाइड 10% ई. सी.पाया जाता है। यह सभी प्रकार की इल्लियों और थ्रिप्स  पर प्रभावी नियंत्रण करता है। भविष्य की योजना के बारे में श्री डोगरा ने बताया कि कम्पनी सिलिकॉन फ़र्टिलाइज़र पर अमेरिकी कम्पनी के साथ काम कर रही है। उन्होंने हर साल एक नया उत्पाद देने के प्रति आश्वस्त किया।

श्री यादव ने कहा कि निसान जापान की पहली उर्वरक कम्पनी है, जो 1887 में स्थापित हुई थी।रसायन के क्षेत्र में जापान अव्वल है। भारतीय किसानों की समस्याओं को दूर हेतु गोदरेज एग्रोवेट और निसान के कौलेबोरेशन के कारणों पर रोशनी डाली। 2019 में गोदरेज एग्रोवेट ने निसान के साथ मिलकर हनाबी भी लांच किया था।सुश्री पल्लवी ने दृश्य -श्रव्य  माध्यम से ग्रासिया के इतिहास से लेकर सब्जियों और मिर्च में लगने वाले विभिन्न कीटों और अन्य रोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। ग्रासिया  की लांचिंग श्री डोगरा और श्री यादव ने संयुक्त रूप से की। प्रश्नोत्तरी में विक्रेताओं की विभिन्न शंकाओं का समाधान करते हुए श्री श्रीपद अम्बुलकर ने कहा कि भरपूर पैदावार के लिए कीट हमले के प्रारम्भिक चरण में इसका छिड़काव  किया जाता है। छिड़काव के चार घंटे बाद ग्रासिया का प्रभाव कीटकों पर देखने को मिलता है। यह लम्बी अवधि तक काम करता है और बारिश के बाद भी इसकी क्रियाशीलता बनी रहती है। सबसे अच्छी  बात यह है कि ग्रासिया मित्र कीटों एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं है। ग्रासिया की 160 मि.ली.की मात्रा एक एकड़ के लिए पर्याप्त है।

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