खरीफ मौसम में टमाटर को दें बांस का सहारा

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उत्पादन होगा भरपूर

  • वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख
    कृषि विज्ञान केंद्र, टीकमगढ़

1 जून 2021, टीकमगढ़ । खरीफ मौसम में टमाटर को दें बांस का सहारा – खरीफ मौसम में टमाटर के फलों के उत्तम व आकर्षक रंग, सडऩे से बचाने, फलों को उचित आकार के लिए सहारा देना आवश्यक होता है। चूंकि टमाटर का पौधा शाकीय होता है लदे हुए फलों का भार सहन नहीं कर पाता है जब हम सिंचाई करते हैं तो नमी के कारण फल सहित इसकी शाखायें गिर जाती हैं यदि पौधों को सहारा न दिया जाय तो फल मृदा के सम्पर्क में आने पर सड़ जाता है फल गुणवत्ताहीन हो जाता है जिससे बाजार मूल्य में गिरावट हो जाती है और यह सदैव ध्यान रखें कि प्रशोधन, उत्पादन, उत्पादकता, श्रेणीकरण, भण्डारण, परिवहन एवं वाणिज्य विपणन यह सभी क्रमवार आय में वृद्धि में सहायक होते हैं उत्पादन के पश्चात वाणिज्य एवं विपणन की समुचित व्यवस्था नहीं है तो आय में वृद्धि करना असम्भव है। यदि किसान टमाटर की खेती सहारा देकर (स्टेकिंग) पद्धति से नहीं करते है तो पैदावार में लगभग 30-35 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर कमी आ जाती है।

हमारे जिले के जो भी किसान टमाटर की खेती व्यवसायिक स्तर पर करना चाहते हैं वे सहारा देने के लिए टमाटर जिस कतार में लगे है उस कतार में 5 मीटर के अंतराल पर 2 मी. ऊंचे बांस गाड़ देते हंै फिर इन बांसों में 3-4 पतले तार इस प्रकार से बांधते हंै कि पहला तार जमीन से लगभग 45 सेमी ऊंचाई पर रहे एवं शेष तार 30-30 सेमी. की ऊंचाई पर इस तरह बांधते है कि एक मण्डप जैसी आकृति बन जाये, इन तारों में सुतली बांधकर सुतली के नीचे जाने वाले छोर पर छोटी-छोटी खूटियां बांधकर उस खूटी के पौधे के बगल में गाड़ देते हंै जिससे पौधे सुतली के सहारे ऊपर चढ़ सके।

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