उद्यानिकी (Horticulture)

किसानों को एक फोन पर मिलेगा ट्रैक्टर

खेती में धन, श्रम और समय की बचत के लिए कृषि यंत्रीकरण अति आवश्यक है। देश के 50 लाख ट्रैक्टर 12 करोड़ किसानों को पर्याप्त सुविधा नहीं दे पाते इसलिए छोटे किसानों तक यंत्रीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए म.प्र. में कस्टम हायरिंग सेन्टर के माध्यम से किराए पर ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी को और मजबूत कर आगे बढ़ाते हुए कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने ई-किसान सारथी योजना के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है जिसका शुभारंभ गत दिनों कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर महिन्द्रा एंड महिन्द्रा तथा टैफे ट्रैक्टर कम्पनियों के साथ राज्य सरकार ने एम.ओ.यू. किया। इसके जरिए अब प्रदेश के किसानों को एक फोन कॉल पर खेती किसानी के लिए ट्रैक्टर, कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध हो सकेंगे। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, संचालक कृषि अभियांत्रिकी श्री राजीव चौधरी, टैफे के सीनियर वाईस प्रेसीडेंट श्री एन. सुब्रमण्यम एवं महिन्द्रा के जनरल मैनेजर आईटी श्री प्रकाश सैनानी उपस्थित थे।

टैफे भी देगी किराए से ट्रैक्टर
विश्व की तीसरी सबसे बड़ी तथा भारत में दूसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी टैफे लगभग 60 साल से बाजार में उपलब्ध है तथा किसानों की सेवा कर रही है। यह जानकारी देते हुए कंपनी के एसोसिएट उपाध्यक्ष श्री राजेश जैन ने बताया कि कंपनी छोटे किसानों को ध्यान में रखकर कम कीमत एवं उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक्टर बना रही है जिससे किसान आसानी से उपयोग कर सकें। म.प्र. कृषि अभियांत्रिकी विभाग की अनुदान योजना पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-किसान सारथी से जुड़कर टैफे कंपनी भोपाल संभाग के किसानों को फोन कॉल पर कस्टम हायरिंग केन्द्रों के माध्यम से ट्रैक्टर उपलब्ध कराएगी।
श्री जैन ने बताया कि टैफे कंपनी का अत्याधुनिक जे. फार्म तमिलनाडू में कार्यरत है। इसमें किसानों को कृषि उपकरणों सहित अन्य उपयोगी गतिविधियों की जानकारी दी जाती है। म.प्र. में भी जे. फार्म बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टैफे कंपनी गांव स्तर पर किसानों के लिए कई उपयोगी कार्यक्रम चलाती है अब कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कस्टम हायरिंग योजना से जुड़कर कंपनी किसानों को किराए पर यंत्र उपलब्ध कराएगी जिससे खेती को लाभ होगा।

महिन्द्रा की ट्रिंगो जुड़ेगी ई-सारथी से
विश्व प्रसिद्ध ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा देशभर के किसानों को किराए पर ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र एक फोन कॉल पर उपलब्ध कराने के लिए ट्रिंगो सेवा प्रदान कर रही है। यह ट्रिंगो सेवा अब म.प्र. कृषि अभियांत्रिकी विभाग की अनुदान योजना पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-किसान सारथी से जुड़कर कस्टम हायरिंग केन्द्रों के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराएगी। इसके लिए एमओयू किया गया है। उपरोक्त जानकारी देते हुए कंपनी के जनरल मैनेजर आईटी श्री प्रकाश सैनानी ने बताया कि प्रदेश सरकार की कस्टम हायरिंग योजना बेहतर है ट्रिंगो के साथ जुड़कर किसानों को कम समय में ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि देश में 50 लाख ट्रैक्टर हैं जो लगभग 12 करोड़ किसानों को पर्याप्त सुविधा नहीं दे पाते, इसलिए फोन कॉल पर किसानों को किराए से ट्रैक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे श्रम एवं समय की बचत होगी। ज्ञातव्य है कि नए जमाने की टेक्नालॉजी की सहायता से महिन्द्रा एंड महिन्द्रा का लक्ष्य है खेती की मशीनीकरण सुविधा हर किसान की पहुंच में आए भारतीय कृषि में क्रांति की शुरुआत हो। महिन्द्रा की ट्रिंगो सेवा देश की अत्याधुनिक संगठित रेंटल बिजनेस मॉडल है। इस सेवा का लाभ वे ट्र्ैक्टर व कृषि यंत्र मालिक भी ले सकते हैं जो अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करना चाहते हैं। म.प्र. में महिन्द्रा के 83 डीलर कार्यरत हैं।

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