सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

परम्परागत कृषि विकास योजना: प्राकृतिक खेती के लिए सहायता और पंजीकरण की जानकारी

 

परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देना है।। इस योजना का उद्देश्य रसायनों के प्रयोग को कम कर कलस्टर एप्रोच और PGS सर्टिफिकेशन के जरिए किसानों की आय बढ़ाना है।

कलस्टर चयन और प्रबंधन

योजना के अंतर्गत, प्रत्येक किसान को एक एकड़ क्षेत्र के लिए सहायता दी जाएगी। हालांकि, लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को 50 एकड़ के कलस्टर में शामिल होना अनिवार्य है। परिणामस्वरूप, किसान न केवल आर्थिक सहायता प्राप्त करेंगे बल्कि प्रशिक्षण के माध्यम से आधुनिक तकनीकों को भी सीखेंगे। इसके साथ ही, जैविक आदान उत्पादन और वर्मी कम्पोस्ट के लिए भी अलग से बजट निर्धारित किया गया है।

  • चयन: कृषि विभाग के ब्लॉक एवं मैदानी अधिकारियों द्वारा कलस्टर और कृषकों का चुनाव।
  • कलस्टर संरचना: एक कलस्टर 50 एकड़ का होगा, जिसमें 25 से 50 किसान शामिल होंगे।
  • पंजीकरण: कलस्टर का पंजीयन परियोजना संचालक ‘आत्मा’ (ATMA) द्वारा किया जाएगा।
  • सहायता: प्रत्येक किसान को 1 एकड़ प्राकृतिक क्षेत्र के लिए सहायता दी जाएगी।  

परम्परागत कृषि विकास योजना: सहायता राशि तालिका

सहायता का प्रकारदेय राशि (यूनिट)
भ्रमण (Exposure Visit)₹10,000 (प्रति कलस्टर)
प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण₹60,000 (प्रति कलस्टर)
भूमि का प्राकृतिक परिवर्तन (Conversion)₹1,000 (प्रति एकड़)
प्राकृतिक आदान उत्पादन इकाई₹1,500 (प्रति एकड़)
हरी खाद (Green Manure)₹2,000 (प्रति एकड़)
तरल खाद/जीवामृत के लिए₹500 (प्रति एकड़)
फास्फेट युक्त जैविक खाद (PROM)₹1,000 (प्रति एकड़)
वर्मी कम्पोस्ट इकाई₹5,000 (प्रति इकाई)

प्राकृतिक खेती के मुख्य लाभ (Benefits)

  1. लागत में कमी: बाजार के रसायनों की जगह घर पर बने जीवामृत और घनजीवामृत का उपयोग।
  2. मिट्टी का स्वास्थ्य: भूमि की उपजाऊ शक्ति और जल संचयन क्षमता में सुधार।
  3. प्रमाणन: उत्पाद को ‘जैविक’ या ‘प्राकृतिक’ टैग मिलने से बाजार में बेहतर दाम।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. PKVY योजना के लिए आवेदन कैसे करें? किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या ‘आत्मा’ (ATMA) परियोजना संचालक से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।

2. क्या एक अकेला किसान इस योजना का लाभ ले सकता है? यह योजना मुख्य रूप से क्लस्टर (समूह) आधारित है, इसलिए किसानों को समूह में शामिल होना अनिवार्य है।

3. प्राकृतिक खेती के लिए कितनी सब्सिडी मिलती है? विभिन्न घटकों को मिलाकर, प्रति एकड़ के हिसाब से हजारों रुपये की सहायता और प्रशिक्षण दिया जाता है।

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