मध्यप्रदेश में कृषकों के लिए प्रमुख योजना – जय किसान उपयोजना से निजी कृषकों की बंजर एवं पड़त भूमि को कृषि योग्य बनाना

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22 जुलाई 2022, भोपाल । मध्यप्रदेश में कृषकों के लिए प्रमुख योजना – जय किसान उपयोजना से निजी कृषकों की बंजर एवं पड़त भूमि को कृषि योग्य बनाना –
विभाग: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
योजना : जय किसान उपयोजना से निजी कृषकों की बंजर एवं पड़त भूमि को कृषि योग्य बनाना
अधिकार क्षेत्र: केंद्र प्रवर्तित योजना
योजना कब से प्रारंभ की गई: 1 अप्रैल 2020

योजना का उद्देश्य: मनरेगा क्रियान्वयन हेतु अनुमत्य 262 कार्यो की सूची में व्यक्तियों के पेवल पेरीफेरल/फार्म/फील्ड बण्ड का निर्माण तथा बंजर पड़त भूमि का समतलीकरण/ सही आकार देने का कार्य शामिल है। उक्त के अनुक्रम में विभाग द्वारा मुख्यमंत्री जयकिसान उपयोजना क्रियान्वयन किये जाने का निर्णय लिया गया है ।
लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्तें: पात्र हितग्राही-मनरेगा अंतर्गत लक्षित वर्ग के पात्र हितग्राही जिनके पास निजी स्वामित्व की बंजर पड़त भूमि हो। वन अधिकार अधिनियम 2006 के हक प्रमाण पत्र धारक जिन्हें आवंटित भूमि बंजर व पड़त हो। शर्तें – हितग्राही को एक वर्ष में अधिकतम एक हेक्टेयर भूमि पर लाभ दिया जा सकेगा। जिनके पास सबसे कम बंजर व पड़त भूमि होगी उन्हें प्राथमिकता प्रदाय की जावेगी।

लाभार्थी वर्ग: गरीबी रेखा से नीचे के लिए
लाभार्थी का प्रकार: किसान,महिला,पुरुष,बेरोजगार,परित्यक्ता,विधवा,विधुर,अनाथ बालक बालिका,ग्रामीण,वृद्ध ,खिलाड़ी,दिव्यांग,श्रमिक,नि:शक्त, अंत्योदय परिवार,बेसहारा,अन्य
लाभ की श्रेणी: श्रमिक कार्य,हितग्राही मूलक कार्य
योजना का क्षेत्र: ग्रामीण
आवेदन कहाँ करें: ग्राम पंचायत
पदभिहित अधिकारी: ग्राम रोजगार सहायक
समय सीमा: मजदूरी भुगतान हेतु 15 दिवस की समय सीमा
आवेदन प्रक्रिया: ग्राम पंचायत में काम की मांग करना
आवेदन शुल्क: नि:शुल्क
अपील: जनपद पंचायत सी.ई.ओ.
अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि: मजदूरी भुगतान/ कार्योु में शत प्रतिशत अनुदान
हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया: काम के आधार पर मजदूर/हितग्राही के खाते में इलेक्ट्रानिक माध्यम से भुगतान, 100 दिवस का रोजगार।

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