समस्या- सोयाबीन का अफलन रोग कैसे और कब आता है। नियंत्रण के उपाय भी बतलायें।

Share

जमुना प्रसाद, सतवास, होशंगाबाद
समाधान – सोयाबीन मैं  अफलन रोग  वास्तव में कीट के कारण होती है। हर वर्ष जहां कहीं भी यह समस्या आती है वहां विशेष सावधानी बरतने से इसे रोका भी जा सकता है। चूंकि यह कीट प्रकोप का परिणाम है। सम्भावित आक्रमण के पहले ही क्लोरोपायरीफास 20 ई.सी. की 1.5 लीटर मात्रा या ट्राईजोफास 40 ई.सी. की 500 मि.ली. मात्रा या क्यिनालफास 25 ई.सी. की 1.5 लीटर या ईथोफ्रेनफास की 1 लीटर मात्रा प्रति हेक्टर के हिसाब से दो छिड़काव पहला बुआई के 18 से 20 दिन तथा दूसरा 28-30 दिन बाद आवश्यक रूप से कर दें। छिड़काव हेतु 800 लीटर पानी प्रति हेक्टर की दर से पर्याप्त होगा।

  • बुआई समय 10 किलो/हे. फोरेट 10 जी प्रति हे. के हिसाब से भूमि उपचार करके बुआई करें।
  • पौधों की सघनता का असर रोग के प्रकोप पर होता है अतएव बीज दर सिफारिश के अनुरूप ही डालें।
Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.