उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मप्र की किसानों के लिये योजनाएं
उद्यानिकी से संबंधित कृषकों का ऑनलाइन पंजीयन
उद्यानिकी विभाग कृषकों को अनुदान वितरण एवं क्लस्टर के कृषकों का पंजीयन करने के लिये ऑनलाइन सुविधा दे रहा है। अनुदान प्राप्त करने के लिए इच्छुक कृषक तथा ऐसे कृषक जो क्लस्टर का हिस्सा हैं, का पंजीयन एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य रुप से किया जावेगा। पंजीयन कराने के पूर्व कृषक को निम्रानुसार दस्तावेज अपने साथ रखने होगें-
- फोटो पहचान पत्र द्य बैंक की पासबुक द्य मोबाइल नंबर
- भूमि संबंधी दस्तावेज द्य पासपोर्ट साईज फोटो।
मुख्य योजनाएं (केन्द्र प्रवर्तित)
अ. नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर (एनएमएसए)
- ऑन फॉर्म वाटर मैनेजमेंट – वित्तीय वर्ष 2014-15 से पूर्व योजना का नाम नेशनल
(ओएफडब्ल्यूएम) मिशन ऑन माईक्रो इरीगेशन था जो परिवर्तित कर नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेवल एग्रीकल्चर के अंतर्गत ऑन फॉर्म वाटर मैनेजमेंट किया गया।
– योजना में प्रत्येक हितग्राही को ड्रिप-स्प्रिंकलर की स्थापना के लिए कम से कम 0.2 हेक्टेयर एवं अधिकतम 5 हेक्टेयर तक का लाभ दिया जा सकता है।
- वर्षा आश्रित क्षेत्र विकास योजना में 20 जिले शामिल हैं इसमें प्रत्येक जिले में एक-एक
(आरएडी) क्लस्टर का चयन किया गया है।
ब. एकीकृत विकास बागवानी मिशन (40 जिलों में लागू) फल, फूल, मसाले सब्जी के क्षेत्र विस्तार,
(एमआईडीएच) छोटी नर्सरी,कोल्डस्टोर, राईपिंनग चेम्बर, संरक्षित खेती आदि
के लिये अनुदान।
स. राज्य औषधीय पौधा मिशन 10 जिलों में औषधीय पौधा क्षेत्र के लिये अनुदान।
(एनएमएमपी)
द. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अनार क्षेत्र विस्तार, प्याज भंडार गृह, प्लास्टिक क्रेट वितरण,
(आरकेव्हीवाय) कॉरिडोर विकास, प्लग टाइप सीडलिंग, रोपणियों का विकास
किया जा सकता है।
इ. राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन इस योजना में 75 प्रतिशत की दर से केंद्राश एवं 25 प्रतिश
(एनएमएफपी) की दर राज्यांश उपलब्ध कराया जाता है। इसमें मेगाफूड पार्क जैसी स्कीम शामिल है।
राज्य पोषित योजनाएं
विभाग की अन्य योजनायें जैसे यंत्रीकरण, मिनिकिट प्रदर्शन, बाड़ी (किचन गार्डन) कार्यक्रम, सब्जी क्षेत्र विस्तार, मसाला क्षेत्र विस्तार, फल क्षेत्र विस्तार, पुष्प क्षेत्र विस्तार आदि के लिए अनुदान।
इसकी विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाईट www.horticulture.mp.gov.in पर देखी जा सकती है।
नागरिक सुविधा केन्द्र कृषक से जानकारी प्राप्त करेगा एवं उसे पोर्टल पर भरेगा। फोटोग्राफ लेकर पंजीयन की प्रक्रिया को पूरा करेगा एवं कृषक के दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करेगा। पंजीयन पूरा होने पर एक रसीद प्रिंट आऊट किसान को प्राप्त होगी। रसीद में दिया गया नंबर वित्तीय वर्ष के लिये लागू होगा। पंजीयन के एवज में नागरिक सुविधा केन्द्र/ एमपी ऑनलाईन कियोस्क धारक को कृषक रुपये 10/- का शुल्क अदा करेगा। कोई शिकायत होने पर कृषक टोल-फ्री नंबर 155343 (इस नंबर के आगे 0755+91 लगाने की आवश्यकता नहीं होगी) पर दर्ज करा सकते हैं। कृषक एमपी ऑनलाइन का कॉल सेंटर जिसका टेलीफोन नंबर 0755-4019400-06 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं एवं जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
औषधीय पौधों का महत्व