फसल की खेती (Crop Cultivation)

धान में ब्राउन प्लांट हॉपर का प्रकोप बढ़े तो क्या करें? ICAR-CRRI ने किसानों को दी ये सलाह

04 सितंबर 2026, नई दिल्ली: धान में ब्राउन प्लांट हॉपर का प्रकोप बढ़े तो क्या करें? ICAR-CRRI ने किसानों को दी ये सलाह – धान की फसल में ब्राउन प्लांट हॉपर (BPH) का प्रकोप होने पर किसानों को समय रहते जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। आईसीएआर-केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ICAR-CRRI), कटक ने सितंबर 2026 के पहले पखवाड़े के लिए जारी कृषि सलाह में ब्राउन प्लांट हॉपर के नियंत्रण के उपाय बताए हैं।

5-10 हॉपर्स प्रति हिल होने पर करें ये काम

आईसीएआर-सीआरआरआई के अनुसार, जब धान की फसल में ब्राउन प्लांट हॉपर की संख्या 5-10 हॉपर्स प्रति हिल से अधिक हो जाए, तो खेत के सूक्ष्म वातावरण में बदलाव करना चाहिए। इसके लिए अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग (AWD) तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है। इस तकनीक के तहत खेत में लंबे समय तक पानी जमा नहीं रहने देना चाहिए। अगर इसके बाद भी ब्राउन प्लांट हॉपर की समस्या बनी रहती है, तो अनुशंसित कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन कीटनाशकों के इस्तेमाल की सलाह

ब्राउन प्लांट हॉपर के नियंत्रण के लिए संस्थान ने ट्राइफ्लूमेजोपाइरिम 10% SC @ 94 मिलीलीटर प्रति एकड़ या पाइमेट्रोजिन 50% WG @ 120 ग्राम प्रति एकड़ या डिनोटेफ्यूरान 20% SG @ 60-80 ग्राम प्रति एकड़ के इस्तेमाल की सलाह दी है। इसके अलावा थायमेथोक्साम 25% WG @ 40 मिलीलीटर प्रति एकड़, एटोफेनप्रॉक्स 10% EC @ 200-300 मिलीलीटर प्रति एकड़, ऐसिफेट 75% SP @ 400 ग्राम प्रति एकड़ या फिप्रोनिल 5% SC @ 400-600 मिलीलीटर प्रति एकड़ का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कीटनाशकों के छिड़काव के लिए प्रति एकड़ 200 लीटर पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

नाइट्रोजन वाली खाद से बचें

आईसीएआर-सीआरआरआई ने किसानों को सलाह दी है कि ब्राउन प्लांट हॉपर के प्रकोप के दौरान नाइट्रोजन वाले उर्वरकों का इस्तेमाल न करें। संस्थान ने यह भी कहा है कि BPH के खिलाफ अनुशंसित कीटनाशकों का इस्तेमाल केवल बताई गई या अनुशंसित मात्रा में ही किया जाना चाहिए।

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