फसल की खेती (Crop Cultivation)

मक्का की सफल बुवाई: सही तकनीक और समय

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25 मई 2024, खरगोन: मक्का की सफल बुवाई: सही तकनीक और समय – मक्का की सफल खेती के लिए सही समय और तकनीक से बुवाई करना महत्वपूर्ण है। उचित बुवाई से बीज का अंकुरण और फसल की वृद्धि बेहतर होती है। सही समय पर बुवाई से फसल की उत्पादकता बढ़ती है और किसानों को अधिक लाभ मिलता है।

समय

1.       देर से पकने वाली मक्का: मध्य मई से मध्य जून तक बुवाई करें। यह समय मक्का की वृद्धि और उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त है।

2.       शीघ्र पकने वाली मक्का: जून के अंत तक बुवाई करें। इससे फसल जल्दी तैयार होती है और अन्य फसलों के लिए समय बचता है।

तकनीक

1.       प्लांटर मशीन: बीजों की गहराई और दूरी समान रखने के लिए उपयोग करें। यह मशीन बुवाई को अधिक सटीक और समान बनाती है।

2.       रिज और फर्रो विधि: जल निकासी बेहतर होती है और पैदावार अधिक होती है। इस विधि से बुवाई में बीज भी कम लगता है और फसल की वृद्धि अधिक होती है।

(‘रिज एंड फेरो’ पद्धति से फसल बोने के लिए एक विशेष प्रकार की सीड ड्रिल का उपयोग किया जाता है, जिसमें बुवाई करते समय बीचों-बीच एक मेड़ बनाई जाती है। इस सीड ड्रिल से बीज मेड़ के ऊपर बोए जाते हैं। इससे बीज भी सामान्य बुवाई की तुलना में कम लगता है और पैदावार भी अधिक होती है।)

बीज की मात्रा और दूरी

1.       बीज की मात्रा: 20-25 किग्रा. प्रति हेक्टेयर। सही मात्रा में बीज का उपयोग करने से पौधों में प्रतिस्पर्धा कम होती है और वे अच्छे से बढ़ते हैं।

2.       दूरी: कतार से कतार 60-75 सेमी और पौधे से पौधे 20-25 सेमी। सही दूरी से पौधों को आवश्यक स्थान मिलता है और वे स्वस्थ रहते हैं।

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