सोयाबीन की किस्में 2026: पूरी सूची
29 मई 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन की किस्में 2026: पूरी सूची – भारत में खरीफ मौसम की प्रमुख तिलहनी फसलों में सोयाबीन का महत्वपूर्ण स्थान है। हर वर्ष किसान नई और अनुशंसित किस्मों की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ताकि अपने क्षेत्र के लिए उपयुक्त बीज का चयन कर सकें। इसी उद्देश्य से आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-National Soybean Research Institute), इंदौर विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए सोयाबीन की अनुशंसित किस्मों की सूची जारी करता है।
वर्ष 2026 के लिए उपलब्ध अनुशंसाओं के अनुसार देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग सोयाबीन किस्में निर्धारित की गई हैं। किसानों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने राज्य और क्षेत्र के अनुसार अनुशंसित किस्मों का चयन करें।
मध्य क्षेत्र के लिए अनुशंसित सोयाबीन किस्में
मध्य क्षेत्र में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश का बुन्देलखण्ड क्षेत्र, राजस्थान, गुजरात तथा उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र शामिल हैं। यह भारत का प्रमुख सोयाबीन उत्पादक क्षेत्र माना जाता है।
इस क्षेत्र के लिए अनुशंसित सोयाबीन किस्मों में NRC 150, JS 21-72, NRC 142, JS 23-03, JS 23-09, MAUS 731, गुजरात सोया-4, JS 22-12, JS 22-16, NRC 165 और NRC 157 शामिल हैं।
इसके अलावा RVSM 2011-35, AMS 100-39 (PDKV अम्बा), MACS 1520, RSC 10-46, RSC 10-52 तथा AMS-MB-5-18 (सुवर्ण सोया) को भी अनुशंसित किया गया है।
महाराष्ट्र के लिए MAUS 725 तथा फुले दुर्वा (KDS 992) का भी उल्लेख किया गया है। अन्य अनुशंसित किस्मों में NRC 152, NRC 138, NRC 130, NRC 131, NRC 136, RVS 76, PKV येलो गोल्ड, JS 20-94, JS 20-98 तथा G Soy-4 (सोरठ सोनाली) शामिल हैं।
पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए सोयाबीन किस्में
पूर्वी क्षेत्र में छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। वहीं उत्तर-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र में असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड और सिक्किम आते हैं।
इन क्षेत्रों के लिए अनुशंसित सोयाबीन किस्मों में RSC 11-35, RSC 10-71, RSC 10-52, बिरसा सोया-4, MACS 1407, MACS 1460, NRC 128, RSC 11-07 तथा RSC 10-46 शामिल हैं।
बिरसा सोया-4 को विशेष रूप से झारखंड के लिए अनुशंसित किया गया है।
पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों के लिए सोयाबीन किस्में
उत्तरी मैदानी क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र, उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्र तथा पूर्वी बिहार शामिल हैं।
इस क्षेत्र के लिए अनुशंसित किस्मों में Pusa Soybean 21, NRC 149, Pant Soybean 27, PS 1670, SL 1074, SL 1028, NRC 128, उत्तराखंड ब्लैक सोयाबीन (भट्ट 202), SL 979, SL 955, Pant Soybean 26 (PS 1572), PS 1368, PS 24 (PS 1477) तथा VLS 89 शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अनुशंसित किस्में
हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान द्वारा कुछ विशेष किस्मों की अनुशंसा की गई है।
इनमें शालीमार सोयाबीन-3 (SKAU-S-3), NRC 197, VLS 99, हिम पालम सोया-1, Pant Soybean 25 (PS 1556) तथा शालीमार सोयाबीन-1 शामिल हैं।
ये किस्में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर के लिए अनुशंसित हैं।
दक्षिण भारत के लिए सोयाबीन की अनुशंसित किस्में
दक्षिणी क्षेत्र में कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा महाराष्ट्र का दक्षिणी भाग शामिल है।
इन क्षेत्रों के लिए अनुशंसित सोयाबीन किस्मों में ALSB 50, MAUS 725, फुले दुर्वा (KDS 992), NRCMACS 1667, NRC 142, MACS 1460, NRC 132, DSb 34, KDS 753 (फुले किमाया) तथा KBS 23 शामिल हैं।
ALSB 50 को तेलंगाना तथा KBS 23 को कर्नाटक के लिए अनुशंसित किया गया है।
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