फसल की खेती (Crop Cultivation)

ICAR-NSRI की एडवाइजरी: सोयाबीन फसल में चने की इल्ली से दानों को नुकसान, किसान करें इन दवाओं का छिड़काव

14 अगस्त 2026, नई दिल्ली: ICAR-NSRI की एडवाइजरी: सोयाबीन फसल में चने की इल्ली से दानों को नुकसान, किसान करें इन दवाओं का छिड़काव – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI) ने 10 से 16 अगस्त 2026 के लिए सोयाबीन किसानों के लिए साप्ताहिक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के अनुसार, मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन फसल में चने की इल्ली यानी हेलिकोवर्पा (Gram Pod Borer) का प्रकोप देखा गया है। यह कीट फसल की फलियों और दानों को नुकसान पहुंचा सकता है। किसानों को इसके नियंत्रण के लिए अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

चने की इल्ली के नियंत्रण के लिए इंडोक्साकार्ब का छिड़काव

ICAR-NSRI की एडवाइजरी में चने की इल्ली के नियंत्रण के लिए फसल पर इंडोक्साकार्ब 15.80 प्रतिशत EC का 333 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके विकल्प के रूप में किसान इनमें से किसी एक कीटनाशक का निर्धारित मात्रा में छिड़काव कर सकते हैं—

  • फ्लूबेंडीएमाइड 20 प्रतिशत WG — 250-300 ग्राम प्रति हेक्टेयर
  • फ्लूबेंडीएमाइड 39.35 प्रतिशत SC — 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  • क्लोरएन्थ्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत SC — 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  • इमामेक्टिन बेंजोएट 1.90 प्रतिशत EC — 425 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर

तीनों इल्लियों का एक साथ प्रकोप हो तो

एडवाइजरी में बताया गया है कि जिन क्षेत्रों में हरी सेमीलूपर, तंबाकू की इल्ली और चने की इल्ली तीनों का एक साथ प्रकोप हो, वहां किसान निम्न में से किसी एक कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं—

  • स्पायनेटोरम 11.7 प्रतिशत SC — 450 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  • क्लोरएन्थ्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत SC — 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  • क्लोरएन्थ्रानिलिप्रोल 9.30 प्रतिशत + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 4.60 प्रतिशत ZC — 200 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर

सफेद मक्खी और तना छेदक के साथ प्रकोप पर भी सलाह

ICAR-NSRI की साप्ताहिक एडवाइजरी के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पत्ती खाने वाली इल्लियों के साथ सफेद मक्खी, जैसिड और तना छेदक कीट जैसे तना मक्खी और चक्रभृंग का प्रकोप भी हो, वहां निम्न पूर्व मिश्रित कीटनाशकों में से किसी एक का छिड़काव किया जा सकता है—

  • इंडोक्साकार्ब 15.80 प्रतिशत EC — 333 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  • थायोमिथोक्सम 12.60 प्रतिशत + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 9.50 प्रतिशत ZC — 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  • बीटासायफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड — 350 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  • क्लोरएन्थ्रानिलिप्रोल 9.30 प्रतिशत + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 4.60 प्रतिशत ZC — 200 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर

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