सरकारी योजनाएं (Government Schemes)फसल की खेती (Crop Cultivation)

किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर: औषधीय पौधों की संशोधित केंद्रीय क्षेत्र योजना का लाभ कैसे उठाएं

17 सितम्बर 2024, भोपाल: किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर: औषधीय पौधों की संशोधित केंद्रीय क्षेत्र योजना का लाभ कैसे उठाएं – केंद्र सरकार ने औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) के लिए संशोधित केंद्रीय क्षेत्र योजना, जो जुलाई 2023 में जारी की गई, देशभर के किसानों को अपनी फसलें विविध करने, आय बढ़ाने और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में औषधीय पौधों की बढ़ती मांग का लाभ उठाने का अनूठा अवसर प्रदान करती है।

यहां बताया गया है कि किसान इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं:

1. खेती के लिए वित्तीय सहायता

इस योजना के तहत, किसानों को एलोवेराअश्वगंधातुलसीनीम और अन्य औषधीय पौधों की खेती के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकती है। यह सहायता प्रारंभिक निवेश के बोझ को कम करने के लिए बनाई गई है, ताकि किसान औषधीय पौधों की खेती को बिना बड़े जोखिम के अपना सकें।

मुख्य लाभ:

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  • चुनी गई प्रजातियों के लिए खेती की लागत का 50-75% तक सब्सिडी
  • क्लस्टर विकास के माध्यम से लक्षित क्षेत्रों में सामूहिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे बेहतर बाजार पहुंच और साझा संसाधनों का लाभ मिलेगा।

2. प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

किसान योजना के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठा सकते हैं, जो उन्हें सर्वोत्तम खेती तकनीकों, कटाई के बाद प्रबंधन और स्थायी खेती के तरीकों पर शिक्षित करेंगे। ये कार्यक्रम इस उद्देश्य से बनाए गए हैं कि किसान औषधीय पौधों की अनूठी आवश्यकताओं को समझें और फसल की पैदावार को अधिकतम कैसे कर सकें, साथ ही मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रख सकें।

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यह क्यों महत्वपूर्ण है:

  • किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती में नए कौशल हासिल करने में मदद मिलती है।
  • जैविक खेती और एकीकृत कीट प्रबंधन जैसी उन्नत खेती तकनीकों का परिचय, जिससे दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होती है।

3. बाजार संपर्क और मूल्य संवर्धन

औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाजार तक पहुंच बनाना है। यह योजना सीधे इस समस्या का समाधान करती है, जिसमें बाजार संपर्क को प्रोत्साहित किया गया है और औषधीय पौधों से मूल्य-वर्धित उत्पाद बनाने में मदद की गई है।

किसान अब औषधीय पौधों को संसाधित करने और पैकेजिंग के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनके उत्पाद अधिक आकर्षक बनेंगे और बाजार में उनकी कीमत बढ़ेगी। इस योजना के तहत स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया गया है, जिससे किसान सीधे तेल, पाउडर और अन्य उत्पाद निकाल सकें और लाभ मार्जिन बढ़ा सकें।

मुख्य बातें:

  • किसान बायर-सेलर मीट और अन्य कार्यक्रमों में भाग लेकर सीधे खरीदारों से संपर्क कर सकते हैं।
  • औषधीय पौधों के उत्पादों की प्रसंस्करण और पैकेजिंग के लिए सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे बाजार के लिए तैयार हो सकें।

4. अनुसंधान और विकास के अवसर

यह योजना किसानों, विश्वविद्यालयों और कृषि संस्थानों के बीच अनुसंधान सहयोग को भी प्रोत्साहित करती है। किसान विशेषज्ञों के साथ मिलकर अपनी फसल की गुणवत्ता सुधार सकते हैं, औषधीय पौधों की नई किस्मों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और प्रतिस्पर्धी बाजार में आगे बने रह सकते हैं।

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किसानों के लिए इसका महत्व:

  • औषधीय पौधों की खेती में वैज्ञानिक प्रगति का लाभ उठाना।
  • नई किस्मों के साथ प्रयोग कर उनकी बाजार क्षमता को समझने के लिए सरकार द्वारा समर्थित अनुसंधान से जुड़ना।

5. पर्यावरण और स्वास्थ्य लाभ

औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए एक अतिरिक्त आय का स्रोत ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। इन पौधों को उगाने में आमतौर पर कम रासायनिक इनपुट की आवश्यकता होती है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल हो जाते हैं।

इसके अलावा, औषधीय पौधों की खेती आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा की ओर भारत के बढ़ते झुकाव के साथ तालमेल में है, जिसकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग है। किसान जो इस प्रवृत्ति का लाभ उठाएंगे, वे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन कैसे करें:

इच्छुक किसान अपने संबंधित राज्य औषधीय पौध बोर्ड या सीधे राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) की वेबसाइट के माध्यम से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया सरल है और हर चरण में सहायता प्रदान की जाती है, जैसे कि प्रस्ताव जमा करने से लेकर धनराशि वितरण तक।

औषधीय पौधों के लिए संशोधित केंद्रीय क्षेत्र योजना किसानों के लिए अपनी आय बढ़ाने, एक नए बाजार में प्रवेश करने और स्थायी कृषि में योगदान करने का एक सुनहरा अवसर है। वित्तीय सहायता, बाजार पहुंच और प्रशिक्षण के अवसरों के साथ, किसान औषधीय पौधों के क्षेत्र में आत्मविश्वास से कदम रख सकते हैं और दीर्घकालिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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