फसल की खेती (Crop Cultivation)

कोरोमंडल का ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड 1, 2, 3 की विशेषतांए एंव फायदे

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19 अप्रैल 2023, भोपाल: कोरोमंडल का ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड 1, 2, 3 की विशेषतांए एंव फायदे – कोरोमंडल का ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड 1, 2, 3  अंगूर की फसलों में फर्टिगेशन के लिए बनाया गया हैं। ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड एक अनूठा उर्वरक है जो पानी में 100% घुलने वाला मिश्रण है। इसमें गौण और महत्वपूर्ण सूक्ष्म तत्वों से समृद्ध नाइट्रोजन, फॉस्फोरस पोटेशियम और सल्फर मौजूद हैं। यह मात्रा और गुणवत्ता के मामले में उच्च उत्पादकता के लिए अंगूर की फसलों के लिए अत्यधिक अनुकूलित और अनुशंसित है। इसके पैक का साइज़ 25 किलो होता हैं।

कोरोमंडल के ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड  1, 2, 3 की विशेषतांए

1.     ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड 1, 2, 3 सिर्फ 3 फर्टिगेशन ग्रेड के साथ संपूर्ण पोषण प्रदान करने वाला उर्वरक हैं।

2.     यह अंगूर की फसलों की अवस्था विशेष पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर आधारित उर्वरक हैं।

3.     ग्रोमोर फीटसोल ग्रेप्स ग्रेड 1 में N:P:K:S-13:26:13:3, ग्रेड 2 में N:P:K:S-9:31:16:2 और ग्रेड 3 में N:P:K:S -10:0:35:4 और साथ ही Mg, Zn, B, Fe, Mn, और Cu जैसे अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल है।

4.     अंगूर उगाने वाले क्षेत्रों की मिट्टी की उर्वरता स्थिति और भारत में व्यापक बहु-स्थानीय परीक्षणों पर आधारित हैं।

5.     ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड  1, 2, 3 को निर्यात गुणवत्ता वाले अंगूरों का उत्पादन करने के लिए विशेष रूप से बनाया गया हैं।

कोरोमंडल के ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड  1, 2, 3 के फायदे

1.     ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड  1, 2, 3 से 10 आवश्यक पोषक तत्वों के साथ संतुलित पोषण से बेहतर गुणवत्ता वाले फल मिलते हैं।

2.     इस उर्वरक को पेड़ों में डालना आसान है और इसको कम बार देना होता है यह आसानी से पौधों को दिया जा सकता हैं जिससे अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती हैं।

3.     एसिडिक पीएच और कीलेटेड पोषक तत्वों के साथ बेहतर पोषक उपयोग दक्षता के कारण उपज में सुधार होता है।

4.     कैनोपी का बेहतर विकास, समान फूल और लंबे पुष्पक्रम के परिणामस्वरूप छोटे फलो में वृद्धि और विकास, जिससे निर्यात गुणवत्ता वाला उत्पादन होता है।

कोरोमंडल के ग्रोमोर फिटसोल ग्रेप्स ग्रेड 1, 2, 3 के उपयोग की मात्रा और समय

ग्रेड 1

·       फॉंउडेशन प्रोनिंगः 0-40 दिन के दौरान 25 किग्रा/एकड़ की दर से करने की सलाह दी जाती है।

·       फ्रूट प्रोनिंगः 0-30 दिन के दौरान 50 किग्रा/एकड़ की दर से डोज सलाह दी जाती है।

ग्रेड 2

·       फॉंउडेशन प्रोनिंगः 41-65 दिन के दौरान 50 किग्रा/एकड़ की दर से डोज की सिफारिश की जाती है।

·       फ्रूट प्रोनिंगः 31-75 दिन के दौरान फूल आने के दौरान 115 किग्रा/एकड़ डोज की सलाह दी जाती है।  

ग्रेड 3

·       फॉंउडेशन प्रोनिंगः 66-120 दिन के दौरान 25 किग्रा/एकड़ डोज  देने की सलाह दी जाती है।

·       फ्रूट प्रोनिंगः 76-105 दिन के दौरान 75 किलो/एकड़ डोज देने की सलाह दी जाती है ।

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