सफेद सुंडी से फसल की सुरक्षा

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  • दिव्यांशी गंगराडे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, इंदौर
  • अनूप सैनी, निदेशक, अनुटेक मशरूम प्रशिक्षण केंद्र, इंदौर

 

21 सितम्बर 2022,  सफेद सुंडी से फसल की सुरक्षा – व्हाइट ग्रब जिसे सफ़ेद गिडार या सफ़ेद सुंडी भी कहा जाता है जो कि कोलियोप्टेरा कुल का कीट है, जिसका वैज्ञानिक नाम होलोट्रोचिआ सिराटा  (जीवन चक्र- 141-228 दिनों का होता है) एवं होलोट्रोचिआ कोनसांगिनी  (जीवन चक्र- 70-98 दिनों का  होता है) यह कीड़ा उजाले के समय जमीन के अंदर  रहता है इसे मृदा में रहने वाला बहुभक्षी कीट भी कहा जाता है  यह मृदा में पाए जाने वाले कार्बनिक पदार्थों को अपने भोजन के रूप में इस्तेमाल करता है। इसे कई अलग नामों से जाना जाता जैसे सफेद गिडार, सफेद लट, गोबर कीड़ा, गोबरिया कीड़ा, सफेद सुण्डी आदि कई नाम क्षेत्र अनुसार है और वैज्ञानिक तोर पर इसे व्हाइट ग्रब या सफ़ेद लट कहते हैं।

दिखाई देने का समय : व्हाइट ग्रब बारिश के मौसम की पहली वर्षा से शाम  07:30 बजे मृदा से निकल कर सुबह 5 बजे तक दिखाई देने लगता है जो कि केवल अंधेरे में आते हैं।

दिखाई देने का स्थान: व्हाइट ग्रब अधिकतर रातो में नीम, बेर, शीशम, शहतूत, बबूल के पेड़ों पर पत्ते खाते एवं प्रजनन करते दिखाई देते हैं। 

जीवन चक्र :

अंडे – अंडे की अवधि 7-13 दिनों, और यह सफेद और गोल आकार का होता है।

लार्वा – लार्वा 55 से 75 दिनों तक रहता है। युवा ग्रब मांसल, पारदर्शी, सफेद, पीले रंग के और अक्षर ‘ष्ट’ के आकार के होते हैं।

प्यूपा – 10-15 दिन प्यूपा का जीवनकाल होता है।

वयस्क – एक सफेद ग्रब का वयस्क गहरे भूरे रंग का होता है, जिसकी लंबाई 16-22 मिलीमीटर और चौड़ाई 7-9 मिलीमीटर होती है।

सफेद ग्रब से नुकसान
  • इस कीट के लार्वा पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे यह मुरझा जाता है और अंतत: कुछ दिनों में मर जाता है।
  • वयस्क रात में मिट्टी से निकलता है और पौधे की पत्तियों को खाता है।
लार्वा और ग्रब नियंत्रण
  • ग्रीष्म ऋतु में खेतों की गहरी जुताई करें।
  • रोपण से पहले और बाद में केवल सड़ी हुई गोबर खाद का उपयोग करें।
  • मिट्टी में खाद डालते समय खाद के साथ कीटनाशक धूल का प्रयोग करें।
  • क्लोरोपायरीफॉस 20 श्वष्ट की 1-2 मिलीलीटर मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर ग्रषित पौधों के तने के आसपास के  15-18 सेंमी. के दायरे की मिट्टी में डालेें।
  • खेत में बवेरिया बासियाना और मेटेरिजियम अनिसोपली 2.5-3 किलोग्राम को 50 किलोग्राम गोबर में मिलकर 7 दिनों के लिए किसी छायादार जगह पर रखकर सुखा लिया जाता है सूखने के बाद खेतों में डालने योग्य बन जाता है। 
वयस्क का नियंत्रण
  • सुनिश्चित करें कि पौधों और खेत के आसपास की भूमि साफ-सुथरी हो।
  • मानसून की पहली बारिश आते ही शाम 7 से रात 10 बजे के बीच लाइट ट्रैप का प्रयोग करें।
  • इन कीड़ों को अपने खेत से बाहर रखने का एक बहुत ही प्रभावी तरीका है कि कच्ची खाद का खेत के बाहर ढेर लगा दिया जाए।
  • अरंडी के पौधे खेत के चारों और ट्रेप फसल के रूप में लगाए जाएं।
  • वयस्क कीड़ों को मारने के लिए खेत के आसपास के पेड़ों पर कीटनाशकों का छिडक़ाव किया जा सकता है।

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