Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

गेहूं फसल में जड़ माहू कीट लगने पर दवाओं का छिड़काव करें

24 दिसंबर 2024, सीहोर: गेहूं फसल में जड़ माहू कीट लगने पर दवाओं का छिड़काव करें – वर्तमान मौसम परिर्वतन के कारण गेहूं में जड़ माहू कीट एवं विभूति आदि  कीटों का प्रभाव हो सकता है। यदि  गेहूं  में जड़माहू  कीट  का प्रभाव एवं गेहूं में  पीलापन  दिखे  तो दवा का छिड़काव जरूर करें।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष भी गेहूं फसल में जड़ माहू कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है। गेहूं फसल के खेतों में अनेक स्थानों पर पौधे पीले होकर सूख रहे हैं। समय पर निदान न किये जाने पर इस कीट द्वारा गेहूं फसल में बड़ी क्षति की सम्भावना रहती है। जड़ माहू कीट गेहूं के पौधे के जड़ भाग में चिपका हुआ रहता है, जो निरन्तर रस चूसकर पौधे को कमजोर व  सूखा  देता है। प्रभावित खेतों में पौधे को उखाड़कर ध्यान से देखने पर बारीक-बारीक हल्के पीले, भूरे व काले रंग के कीट चिपके हुए दिखाई देते हैं। मौसम में उच्च आर्द्रता व उच्च तापमान होने पर यह कीट अत्यधिक तेजी से फैलता है। अनुकूल परिस्थितियाँ होने पर यह कीट सम्पूर्ण फसल को नष्ट करने की क्षमता रखता है।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जिन क्षेत्रों में अभी तक गेहूं फसल की बुवाई  नहीं  की  गई है, वहाँ पर बुवाई से पूर्व इमिडाक्लोप्रिड 48 प्रतिशत, एफएस. की 01 मिली. दवा अथवा थायोमेथोक्जाम 30 प्रतिशत, एफएस दवा की 1.5 मिली मात्रा प्रति किलोग्राम की दर से बीज उपचार  अवश्य  करें। जिन क्षेत्रों में बुवाई कार्य पूर्ण किया जा चुका है व कीट प्रकोप के लक्षण प्रारम्भिक अवस्था में हैं, वहाँ किसान  इमिडाक्लोप्रिड  17.8 एसएल की 80 -100 मिली. मात्रा अथवा  थायोमेथॉक्जॉम 25 प्रतिशत डब्लूपीकी 80 ग्राम मात्रा अथवा एसिटामाप्रिड 20 प्रतिशत एसपी दवा की 60 ग्राम मात्रा प्रति एकड़, 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करें या किसान थायोमेथॉक्जॉम 30 प्रतिशत कीटनाशक की 250 मिली मात्रा को 50 किलो यूरिया खाद में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com