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फसल की खेती (Crop Cultivation)

बायर घासा: कपास की बेहतर उपज के लिए प्रभावी हर्बिसाइड

18 मार्च 2025, नई दिल्ली: बायर घासा: कपास की बेहतर उपज के लिए प्रभावी हर्बिसाइड – बायर घासा (सक्रिय घटक: पाइरिथियोबैक सोडियम 6% w/w + क्विज़ालोफॉप-इथाइल 4% w/w MEC) एक चयनात्मक पोस्ट-इमर्जेंस हर्बिसाइड है, जो कपास की फसल में उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के व्यापक स्पेक्ट्रम को नियंत्रित करता है, जिससे कपास किसानों को खेतों को साफ रखने और फसल की उपज को अधिकतम करने में मदद मिलती है।

मुख्य विशेषताएं:

• पोस्ट-इमर्जेंस क्रिया: खरपतवारों के उगने के बाद उन्हें नियंत्रित करता है, जिससे फसल के साथ प्रतिस्पर्धा कम होती है।
• चयनात्मक: कपास के लिए सुरक्षित, जिससे फसल को नुकसान कम होता है और खरपतवारों का प्रभावी नियंत्रण होता है।
• प्रभावी खरपतवार नियंत्रण: घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करता है।

लक्ष्य फसल:

• कपास

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नियंत्रित खरपतवार:

• कपास के खेतों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार।

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