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फसल की खेती (Crop Cultivation)

रोगों से जंग: सोयाबीन में पीला मोज़ेक और एंथ्रेक्नोज रोग का रामबाण इलाज

29 जुलाई 2024, भोपाल: रोगों से जंग: सोयाबीन में पीला मोज़ेक और एंथ्रेक्नोज रोग का रामबाण इलाज – भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान द्वारा 30 से 40 दिनों की हो चुकी सोयाबीन की फसल हेतु विशेष सलाह जारी की है। भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान ने प्रमुख रोगों जैसे पीला मोजेक और एन्थ्रेक्नोज रोग के उपचार से जुड़े मुख्य पहलुओं पर सलाह जारी की है। 

रोग प्रबंधन के लिए सलाह

पीला मोज़ेक मोज़ेक रोग नियंत्रण

पीला मोज़ेक/सोयाबीन मोज़ेक रोग के नियंत्रण के लिए किसानों को प्रभावित पौधे/भाग को उखाड़ने/नष्ट करने और एसेटामिप्रिड 25% + बाइफेंथ्रिन 25% WG (250 ग्राम/हेक्टेयर) का छिड़काव करने की सलाह दी जाती है। वैकल्पिक रूप से, आप थायमेथोक्सम + लैम्ब्डा सायहलोथ्रिन (125 मिली/हेक्टेयर) या बीटासायफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड (350 मिली/हेक्टेयर) में से किसी एक को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण भी किया जा सकता है।

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एंथ्रेक्नोज रोग नियंत्रण

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लगातार बारिश की स्थिति में एन्थ्रेक्नोज रोग का संक्रमण हो सकता है। किसानों को नियमित अंतराल पर अपनी फसल की निगरानी करने और लक्षण दिखाई देने के तुरंत बाद टेबुकोनाज़ोल 25.9 EC (625 मिली/हेक्टेयर) या टेबुकोनाज़ोल 38.39 SC (625 मिली/हेक्टेयर) या टेबुकोनाज़ोल 10%+सल्फर 65% WG (1.25 किलोग्राम/हेक्टेयर) या कार्बेन्डाजिम 12%+मेंकोज़ेब 63% WP (1.25 किलोग्राम/हेक्टेयर) का छिड़काव करने की सलाह दी जाती है।

रिजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट

किसानों को राइजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट के लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित फफूंदनाशकों जैसे कि पाइरोकलोस्ट्रोबिन 20% WG (375-500 ग्राम/हेक्टेयर) का छिड़काव करने की सलाह दी जाती है।

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