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फसल की खेती (Crop Cultivation)

नींबू की फसल में भूरे धब्बों का कारण बना बैक्टीरियल कैंकर, ऐसे करें नियंत्रण

09 जून 2025, नई दिल्ली: नींबू की फसल में भूरे धब्बों का कारण बना बैक्टीरियल कैंकर, ऐसे करें नियंत्रण – अगर आपकी नींबू की फसल में फलों या टहनियों पर भूरे रंग के जालीनुमा धब्बे नजर आ रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा के वैज्ञानिकों ने इसे बैक्टीरियल कैंकर रोग का प्रकोप बताया है। यह रोग नींबू की फसल को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और समय पर उपचार न करने पर पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है।

क्या है बैक्टीरियल कैंकर?

बैक्टीरियल कैंकर नींबू के पौधों में एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से फलों, टहनियों और पत्तियों पर भूरे धब्बों के रूप में दिखाई देता है। इससे पौधे की वृद्धि रुक जाती है और फल समय से पहले झड़ने लगते हैं। यह रोग वर्षा ऋतु के दौरान और अधिक तीव्र हो जाता है।

IARI पूसा का समाधान

IARI पूसा के विशेषज्ञों ने इस रोग के नियंत्रण के लिए दो मुख्य उपाय सुझाए हैं:

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  1. ग्रसित टहनियों की छंटाई (Pruning):
    सबसे पहले रोग से प्रभावित टहनियों को पहचानकर उन्हें काट लें और खेत से पूरी तरह हटा दें, ताकि संक्रमण का फैलाव रोका जा सके।
  2. बोर्डो मिश्रण (Bordeaux Mixture) का छिड़काव:
    रोग को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए कॉपर सल्फेट 5 किलोग्राम और चूना (Lime) 5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में घोलकर तैयार किया गया बोर्डो मिश्रण पौधों पर छिड़कें। यह फफूंदनाशी और रोगनाशी मिश्रण पौधों की सतह पर सुरक्षात्मक परत बनाता है और बैक्टीरिया को फैलने से रोकता है।

किसानों के लिए सुझाव

IARI पूसा ने नींबू उगाने वाले किसानों को सलाह दी है कि वे वर्ष में कम से कम दो बार पौधों की निगरानी करें—एक बार मानसून के पहले और एक बार उसके बाद। रोग के शुरूआती लक्षण दिखते ही उपचार करें और टहनियों की समय-समय पर छंटाई करें।

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संस्थान ने यह भी कहा कि यदि किसान समय रहते सही कदम उठाएं, तो न केवल फसल को बचाया जा सकता है, बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता को भी बनाए रखा जा सकता है।

किसान भाई Bordeaux मिश्रण तैयार करने और छिड़काव करते समय सुरक्षा उपायों का पालन जरूर करें। अधिक जानकारी के लिए IARI पूसा या अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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