21 दिन बाद पचोर मण्डी चालू
(जगदीश पुष्पद) पचोर। 1 जून से बन्द पड़ी कृषि उपज मण्डी अंतत: 21 जून को पुन: शुरू की गई। कृषि उपज मण्डी चालू होने से मार्केट में चलह-पहल शुरू हो गई है। वहीं खरीफ सीजन में लगने वाले कृषि उपकरण
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें(जगदीश पुष्पद) पचोर। 1 जून से बन्द पड़ी कृषि उपज मण्डी अंतत: 21 जून को पुन: शुरू की गई। कृषि उपज मण्डी चालू होने से मार्केट में चलह-पहल शुरू हो गई है। वहीं खरीफ सीजन में लगने वाले कृषि उपकरण
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंखण्डवा। जिले में विगत दिनों हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। सांसद आदर्श ग्राम आरूद में हुई अचानक ओलों के साथ बारिश से लगभग 500 एकड़ का कपास एवं 600 एकड़ का सोयाबीन पूरी तरह नष्ट हो गया।
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंशाजापुर। सल्फर मिल्स लिमिटेड द्वारा किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कम्पनी के सीनियर एरिया मैनेजर श्री सुरेश शर्मा ने कम्पनी के उत्पाद तथा कम्पनी का मिशन जो कि किसान हितैषी है के बारे में विस्तृत जानकारी दी। श्री
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें(विशेष प्रतिनिधि) भोपाल। प्रदेश में किसान आंदोलन के चलते कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन खबरों में बने रहने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। वैसे तो सत्तारूढ़ दल भाजपा के अन्य मंत्री, विधायक भी विभिन्न वाकचातुर्य का प्रदर्शन कर रहे
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंश्रीकान्त काबरा, मो. : 9406523699 मध्य प्रदेश में किसानों से हमदर्र्दी जताने के लिए सत्तारूढ़ और विपक्षी दल के राजनेता आरोप प्रत्यारोपण, उपवास-प्रति उपवास-सत्याग्रह की राजनीति कर रहे हैं। किसनों की समस्याओं का समाधान हो या न हो लेकिन सत्ता
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंअच्छी खेती-बाड़ी की बुनियाद कृषि उत्पाद की कुशल व्यापार होता है। अपनी फसल को मर-मर कर पैदा करने वाला किसान बाजार का समय आने पर बिचोलियों के जाल में फंस जाता है और कोडिय़ों के भाव अपनी सारी फसल बेच
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंकिसानों के चल रहे आन्दोलन का अन्त क्या होगा यह तो समय ही बतायेगा। इस बीच किसानों द्वारा आत्महत्या के कुछ मामले सामने आये हैं। किसानों की स्थिति तब तक नहीं सुधर सकती जब तक उसकी उपज का सही मूल्य
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंअर्जुन पटेल, सिवनीसमाधान- वर्तमान में परम्परागत फसल धान के क्षेत्र में एक बार फिर से ना केवल अपना परम्परागत क्षेत्र वापस लिये बल्कि नये क्षेत्रों में विस्तार भी किया है। सोयाबीन फसल जहां भी बढ़ाई गई उसके कुछ क्षेत्रों में
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंनई दिल्ली। देश में खरीफ फसलों की बोनी मानसून आने के साथ ही प्रारंभ हो गई है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक अब तक खरीफ फसलों का कुल बुवाई रकबा 92.85 लाख हेक्टेयर तक हो गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंगयाप्रसाद चौरे, बनखेड़ी समाधान– सूरजमुखी खरीफ, रबी, जायद सभी मौसम में लगाई जा सकती है परन्तु एक सलाह है आप अपने साथ अन्य कृषकों को भी प्रेरित करके सूर्यमुखी का थोड़े-थोड़े रकबा में लगाने की सलाह दें इससे पक्षियों द्वारा
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