कपास बुवाई में आई तेजी – देश में 222 लाख हे. में हुई बोनी
नई दिल्ली/ भोपाल। देश में दलहनी फसलों से मोहभंग कर किसानों का रुझान इस वर्ष कपास जैसी नकदी फसल की ओर बढ़ा है। किसान कपास की बोनी तेजी से कर रहे हैं। अब तक गत वर्ष की तुलना में दोगुने
नई दिल्ली/ भोपाल। देश में दलहनी फसलों से मोहभंग कर किसानों का रुझान इस वर्ष कपास जैसी नकदी फसल की ओर बढ़ा है। किसान कपास की बोनी तेजी से कर रहे हैं। अब तक गत वर्ष की तुलना में दोगुने
नई दिल्ली/भोपाल। संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित ऐतिहासिक मध्य रात्रि सत्र के बीच वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था लागू हो गई। राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री द्वारा बटन दबाकर देश में जीएसटी की शुरूआत करने से पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी,
पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी मध्य प्रदेश व मध्य भारत के अन्य राज्यों में मानसून देर से आया, जिसका असर खरीफ की फसलों की बुआई पर पड़ रहा है। पिछले खरीफ फसलों के उत्पादन का उचित मूल्य किसानों
खरपतवार फसलों के साथ प्रकाश, स्थान, नमी तथा पोषक तत्वों के साथ स्पर्धा करते हैं, यह प्रतिस्पर्धा प्रारंभिक अवस्था में अधिक होती है। जिसमें फसल की बढ़वार अत्यधिक प्रभावित होती है जिससे अन्तत: उपज में गुणात्मक नुकसान पहुंचता है। उपज
कहाँ उगता है बहुतायत रूप में लैन्टाना के पौधे पहाड़ी क्षेत्रों ,खाली स्थानों, अनुपयोगी, भूमियों ओद्यौगिक क्षेत्रों, सड़़क व रेलवे लाइन के किनारों आदि स्थानों पर मुख्य रूप से पाया जाता हैं। हानिकारक प्रभाव लेन्टाना एक बहुत खतरनाक व विषाक्त
प्रकृति ने अनेक प्रकार की वनस्पतियों को भिन्न प्रकार की जलवायु एवं परिस्थितियों में फलने-फूलने का अवसर दिया है । खेती में मुख्य फसल के अलावा उगने तथा बढऩे वाले अवांछनीय पौधों को खरपतवार की संज्ञा दी गई है। यदि
अवांछित पौधे जो बिना बोये ही उग जाते हैं और लाभ की तुलना में ज्यादा हानिकारक होते हैं, खरपतवार कहलाते हैं। खरपतवार प्राचीनकाल से ही मनुष्य के लिये समस्या बने हुये हैं, खेतों में उगने पर यह फसल की पैदावार
खरपतवारनाशी रसायनों के प्रयोग द्वारा खरीफ मौसम की प्रमुख धान्य एवं तिलहनी फसलों में खरपतवारनाशी रसायनों का प्रयोग करके भी खरपतवारों को नियंत्रित किया जा सकता है। जहां समय एवं श्रमिक कम तथा पारिश्रमिक ज्यादा हो वहां इस विधि को
41 उप संचालक कृषि बदले भोपाल। राज्य शासन ने कृषि विभाग के 41 उपसंचालकों का तबादला कर उनकी नई पदस्थापना की है। अनेक जिलों में परियोजना संचालक आत्मा का अतिरिक्त प्रभार भी इन्हें दिया गया है। सूची इस प्रकार है-
जगन्नाथ वर्मा, जावरा समाधान – कीट/रोगों के नियंत्रण के प्रयास उनको देखने के बाद ही किये जाते हैं परंतु नींदा नियंत्रण के प्रयास तब तक नहीं किये जाते जब तक वे हाथ की पकड़ में ना आ पाये तब तक