अब सोयाबीन के विकल्प खोजने ही होंगे
देश में खरीफ फसलों की बुआई का रकबा मानसून की अनिश्चितता के बाद भी 1013.83 लाख हेक्टर तक पहुंच गया। जबकि पिछले वर्ष यह 1019.60 लाख हेक्टर था। इसमें मात्र 5.77 लाख हेक्टर की कमी आई है। इसमें से लगभग
देश में खरीफ फसलों की बुआई का रकबा मानसून की अनिश्चितता के बाद भी 1013.83 लाख हेक्टर तक पहुंच गया। जबकि पिछले वर्ष यह 1019.60 लाख हेक्टर था। इसमें मात्र 5.77 लाख हेक्टर की कमी आई है। इसमें से लगभग
नाभि सडऩा (नैवेल इल) यह बीमारी बछड़ों में पैदा होने के कुछ दिन बाद ही हो जाती है। बछड़े की नाभी में मवाद पड़ जाती है एवं रोग के आरंभ में बछड़ा सुस्त हो जाता है, बछड़ा लेटा रहता है,
बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए कृषि जोत कम होती जा रही है, लागत बढ़ रही है, कृषि योग्य भूमि कम होने के कारण पशुपालन को कृषकों द्वारा आय का मुख्य स्त्रोत बनाया जा सकता है। परंतु पशुपालन एवं व्यावसायिक दुग्ध
नैगवां (कटनी)। कृषि की आमदनी को दुगना करने कम लागत से अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु भारत सरकार द्वारा संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पान उमरिया विकासखंड ढीमरखेड़ा जिला कटनी में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा
जबलपुर। आप उन 900 भाग्यशाली छात्रों में शामिल हैं जिनका चयन पीएटी में शामिल 50 हजार छात्रों में से हुआ है इसलिये आप वैसे ही श्रेष्ठ हैं। जीवन में लगातार अध्ययन ही आपको सर्वश्रेष्ठ बनने में सहायक होगा। तदाशय के
समाधान- जीरा एक नगदी फसल है। आप निमन बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए ही जीरे की खेती कर सकते हैं। जीरे के लिये मध्यम जलवायु व कम वायुमंडलीय नमी की आवश्यकता होती है। उचित जल निकास वाली दोमट मिट्टी
समाधान – मटर की हरी फलियों के लिये शीघ्र, मध्यम व देर से पकने वाली किस्में उपलब्ध हैं। शीघ्र पकने वाली किस्मों में अर्किल, जवाहर मटर-3, जवाहर मटर 4, अर्ली बेजर, आसोजी इत्यादि प्रमुख हैं। इनमें फलियां बुआई के 55
खरगोन/कुक्षी। क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन प्रा. लि. ने विभिन्न गांवों में कृषक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये व अपने नये उत्पाद एपेक्स 50 के बारे में किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर हेड ऑफिस से डॉ. शंकर एवं जोनल मार्केटिंग मैनेजर
भोपाल। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने 1 सितंबर 2017 को अपने निगमन के 61 वर्ष पूरे कर लिये हैं। एलआईसी ने लोगों के मध्य जीवन बीमा के संदेश के प्रसार और जन कल्याण के लिये जन सामान्य से धन
नई दिल्ली। जैन समूह की कम्पनी जैन फार्मफ्रेश फूड्स लि. के संचालक श्री अथान्ग जैन ने चैम्पिन्स ऑफ चेंज परिषद में कृषि में बदलाव व गरीबी उन्मूलन विषय पर विचार व्यक्त किये। परिषद का आयोजन नीति आयोग की ओर से