मॅकेरीना से लहलहाई सोयाबीन – सायटोजाइम – यूपीएल टीम ने फसलों का निरीक्षण किया
भोपाल। विदिशा जिले के सिरोंज के ग्राम चप्पू के किसान श्री हजारी लाल की सोयाबीन की फसल में न तो फूल आ रहे थे न ही फली बन रही थी। वे इस मृत प्राय फसल को नष्ट करने वाले थे।
भोपाल। विदिशा जिले के सिरोंज के ग्राम चप्पू के किसान श्री हजारी लाल की सोयाबीन की फसल में न तो फूल आ रहे थे न ही फली बन रही थी। वे इस मृत प्राय फसल को नष्ट करने वाले थे।
भोपाल। भारतीय ट्रैक्टर बाजार में तेजी से प्रगति करती ट्रैक्टर निर्माता सोनालीका इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लि. ने विगत दिनों शुजालपुर में आयोजित किसान मिलन समारोह में नई सिकंदर सीरीज की लांचिंग की। सोनालीका के अधिकृत विक्रेता खीची ट्रैक्टर्स एंड मोटर्स द्वारा
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकास और जनकल्याण के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति और तेज की जाये। इसके लिये विभाग समयबद्ध कार्ययोजना बनाये। वे मंत्रालय में मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर
जानकारी के मुताबिक वर्षा की कमी एवं बादलों के छाये रहने के कारण सोयाबीन पर इल्लियों का हमला तथा पीला मोजेक रोग का प्रकोप बढ़ा है। जबकि सोयाबीन फूल आने की स्थिति में है। इस कारण उत्पादन प्रभावित होने की
भोपाल। फसल गिरदावरी एप्लीकेशन संस्कररण 2.0 में मास्टर्स ट्रेनर्स, जिलों से प्राप्त सुझावों एवं राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक के लिए निर्णय के आधार पर वर्तमान फीचर में परिवर्तन करने के साथ ही कुछ नए फीचर जोड़े गए हैं। फसल
नई दिल्ली। देश में 25 अगस्त, तक 1013.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय 1019.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई थी। कृषि मंत्रालय के मुताबिक 358.28 लाख हेक्टेयर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत दिनों कृषि क्षेत्र से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाओं – मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री को बताया गया कि 16 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में मृदा
नई दिल्ली। सरकार की एक समिति ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2022-23 तक किसानों की वास्तविक आय को दोगुना करने की स्थिति बनाने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों से 6,339 अरब रुपये के अतिरिक्त
माईट की पहचान – इस जीव में चार जोड़ी पांव होने के कारण ये अन्य जीवों से अलग दिखाई देता है। ये बहुत अधिक सूक्ष्म होने के कारण नग्न आंखों से लगभग नहीं देखा जा सकता है। इसका शरीर दो
माहो – सरसों का माहू या चैंपा, लिपेफिस इरिसामी: यह कीट छोटा, कोमल, सफेद, हरे रंग का होता है। इस कीट के शिशुु एवं प्रौढ़ दोनों पौधे के विभिन्न भाग से रस चूसते है। यह प्राय: दिसंबर के अंत से