रबी फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ें
चने का एमएसपी 4875 रु. प्रति क्विंटल हुआ समर्थन मूल्य में 85 से 325 रु. प्रति क्विंटल तक बढ़े दलहन में देश को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को दालों की खेती में प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र सरकार ने दालों के
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News) में पढ़ें भारत की कृषि से जुड़ी ताज़ा खबरें। कृषि नीतियां, सरकारी योजनाएं, फसल उत्पादन, मौसम, कृषि अनुसंधान, बाजार रुझान और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट प्राप्त करें।
चने का एमएसपी 4875 रु. प्रति क्विंटल हुआ समर्थन मूल्य में 85 से 325 रु. प्रति क्विंटल तक बढ़े दलहन में देश को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को दालों की खेती में प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र सरकार ने दालों के
उर्वरक जागरुकता सम्मेलन (निमिष गंगराड़े) नई दिल्ली। विभिन्न मापदंडों के आधार पर उर्वरक पोषकों का आदर्श उपयोग करके कृषि उत्पादकता को बनाए रखने के लिए किसानों के बीच ज्ञान का प्रसार करने और उन्हें उर्वरक का उपयोग और प्रबंधन के
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में उन्नति लाने के लिए व्यापक सुधार कार्यक्रम शुरु किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई
देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग गति पकड़ेगा कुल 74 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव भोपाल। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा
नई दिल्ली। देश में गायों की संख्या बढ़ रही है। 20वीं पशुगणना की रिपोर्ट के अनुसार देश में गायों की आबादी में 18 फीसदी का इजाफा हुआ है। गत दिनों पशुगणना रिपोर्ट जारी करते हुए ये जानकारी पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय
कम पानी की किस्में ( चन्दौसी किस्में) इस गेहूं को आष्टा/सीहोर शरबती या विदिशा/सागर चन्दौसी के नाम से उपभोक्ताओं एवं आटा उद्योगों में प्रीमियम गेहूं के रूप में जाना जाता है। यह गेहूं अपनी चमक, आकार, स्वाद, और उच्च
भूमि : टमाटर की खेती के लिए उपयुक्त उचित जल निकास वाली दोमट या बलुई दोमट अच्छी मानी जाती है। उचित किस्म : स्वर्ण, लालिमा, पूसा। बीज दर : हाईब्रिड 200 ग्राम, देशी 300 ग्राम। लगाने की दूरी : टमाटर के बीज को लगाने
तीन-चार दशक पूर्व मध्यप्रदेश के किसानों के लिए सोयाबीन फसल एक वरदान के रूप में आई थी जिसने किसानों की दशा सुधारने में एक बड़ा योगदान दिया। इस तीस-चालीस वर्षों में खरीफ की फसल के रूप में किसानों ने सोयाबीन
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2017-18 की जनवरी से मार्च तिमाही में भारत की कृषि वृद्धि दर गिरकर 4.5 प्रतिशत रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 7.1 प्रतिशत थी।कृषि एवं संबंधित गतिविधियों में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर
कृषि और पोषण जागरुकता पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला (विशेष प्रतिनिधि) भोपाल। आजादी के 70 साल बाद भी देश में पोषण का विषय आज भी चुनौतीपूर्ण है। देश ने विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की है परन्तु