अमरूद के बाग़ मैं कीट रोग एवं इनकी रोकथाम
फल मक्खी- यह मक्खी बरसात के फलों को हानि पहुंचाती है। यह फल के अंदर अण्डे देती है जिनमें मेगट पैदा होकर गूदे को फल के अंदर खाते है। नियंत्रण- ग्रसित फलों को नष्ट करें तथा 0.02 प्रतिशत डायजिनान या
फसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।
फल मक्खी- यह मक्खी बरसात के फलों को हानि पहुंचाती है। यह फल के अंदर अण्डे देती है जिनमें मेगट पैदा होकर गूदे को फल के अंदर खाते है। नियंत्रण- ग्रसित फलों को नष्ट करें तथा 0.02 प्रतिशत डायजिनान या
सोयाबीन में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु खेत की तैयारी के समय अंतिम बखरनी के पूर्व गोबर खाद 10 टन या मुर्गी खाद 2.5 टन/हे. के हिसाब से खेत में फैलायें। सोयाबीन की बोवनी हेतु मध्य जून से जुलाई
भूमि एवं तैयारी मोठ की खेती हल्की भूमियों में अच्छी होती है, मोठ के लिए बलुई दोमट एवं बलुई भूमि उत्तम होती है, भूमि में जल निकास की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, मोठ की खेती के लिए दो बार हेरों
सिंघाड़ा तालाबों में पैदा होने वाली एक नगदी फसल है। मध्यप्रदेश में सिंघाड़े की खेती लगभग 6000 हेक्टेयर में किया जाता है। सिंघाड़े के कच्चे व ताजे फलों का ही उपयोग मुख्यत: किया जाता है इसके अलावा पके फलों को
रसायनिक उर्वरकों का उपयोग करने से भूमि की उर्वरा क्षमता कम होती जा रही थी। धीरे-धीरे ज्यादा मात्रा में रसायनिक उर्वरकों की आवश्यकता बढऩे से बाजार पर लगातार निर्भर रहना पड़ता था। इससे कौशल किशोर मिश्रा को भारी आर्थिक क्षति
3 हजार लगाए, 2 लाख कमाए बड़वानी। बाजार में विभिन्न कई वस्तुओं पर कंपनियां एक के साथ एक फ्री का आफर देती हैं। ग्राहक इन वस्तुओं को क्रय भी करता है। ऐसा आफर समझदार किसान फसल पर भी ले सकता
भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उर्वरक उत्पादक देश है। देश में उर्वरकों का पूंजीकरण बाजार देश की जीडीपी का 25 प्रतिशत है। उर्वरकों की खपत में भी भारत चीन के बाद दूसरे नम्बर पर आता है। वर्ष 2017-18 में
पन्ना। कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के डॉ. बी. एस. किरार वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख एवं डॉ. आर. के. जायसवाल वैज्ञानिक द्वारा ग्राम सिंहपुर, प्रतापपुर, खोरा, नयागांव में विगत दिवस भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान सब्जी उत्पादक रामप्रसाद साहू, कौशल
जलवायु एवं मिट्टी – मूंग जायद एवं खरीफ ऋतु में उगाई जाती है। इसके लिए उपयुक्त तापमान 27 से 33 डिग्री है। यह सामान्यतया अधिक तापमान एवं सूखे हेतु सहनशील फसल है एवं दिन की लंबाई हेतु संवेदनशील फसल है।