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फसल की खेती (Crop Cultivation)

केले के साथ – कद्दू बोनस में

3 हजार लगाए, 2 लाख कमाए

बड़वानी। बाजार में विभिन्न कई वस्तुओं पर कंपनियां एक के साथ एक फ्री का आफर देती हैं। ग्राहक इन वस्तुओं को क्रय भी करता है। ऐसा आफर समझदार किसान फसल पर भी ले सकता है बात बस मौके का फायदा उठाने की, और यह फायदा उठाया जिले के तलवाड़ा डेब के किसान श्री हरीश पिता श्री नरसिंह पटेल ने। श्री पटेल ने टिश्यूकल्चर तकनीक से 3 एकड़ क्षेत्र में 4500 पौधे केले के नवम्बर 2017 में लगाये जो कि सितम्बर 2018 में प्रति पौधा 15 से 20 किलो फल देने की अवस्था में आयेगा। ये पौधे जैन इरीगेशन जलगांव से मंगाए थे, केला में खाद, पानी पोषक तत्वों को देते हुए पौधों के बीच ढ़ाई एकड़ में 300 पौधे कद्दू के लगाये। बीज एवं 1 बार कीटनाशक का प्रयोग कर कुल लागत 3000 रुपये आई 3 माह में तैयार फसल को 2 लाख रु. में खेत से ही बेच दिया।

हरीश पटेल के बारे में

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  • 25 एकड़ जमीन के मालिक
  • 2 ट्रैक्टरों के मालिक
  • नर्मदा से12 हजार फीट पाईप लाइन खेत तक
  • 8 हजार रु. किलो का कद्दू बीज राऊ (इंदौर) के किसान से क्रय किया
  • 4 गाय एवं 2 बैलों के स्वामी
  • वर्तमान में 5 एकड़ में 5000 पौधे पपीते के 1 अप्रैल में लगाये इसमें भी कद्दू अंतरवर्तीय के रूप में लेंगे
  • बड़े भाई श्री उमेश पटेल का भी सहयोग
  • पपीता पौधे 786 ताईवान बड़वाह की तिरूपति नर्सरी से लिए
  • सहयोगी व्यवसाय के रूप में कुल्फी एवं बरफ फैक्ट्री से 4 लाख रुपये की सीजन में आमदनी
  • ‘बाहुबली’ हरीश पटेल