खेती में जैव कीट-रोगनाशक अपनाकर प्रकृति को बचायें
लेखक: डॉ. रामनिवास शर्मा (सहायक प्रोफेसर, पौध व्याधि); डॉ. उदयभान सिंह (प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता) कृषि महाविद्यालय, कुम्हेर, राजस्थान (श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर); डॉ. जे.के. गुप्ता (सहायक प्रोफेसर, कीट) कृषि महाविद्यालय, लालसोट, राजस्थान (श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विवि, जोबनेर)
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