समस्या- सोयाबीन में नींदा नियंत्रण के उपायों पर मार्गदर्शन दे दवाई कब और कैसे डालें।

Share this

जगन्नाथ वर्मा, जावरा

समाधान – कीट/रोगों के नियंत्रण के प्रयास उनको देखने के बाद ही किये जाते हैं परंतु नींदा नियंत्रण के प्रयास तब तक नहीं किये जाते जब तक वे हाथ की पकड़ में ना आ पाये तब तक देरी हो चुकी होती है। खरपतवार फसल की प्रारंभिक अवस्था के भोजन को बाढ़ चुकता है और फसल कमजोर हो जाती है। सोयाबीन के पौध खरपतवारों के पौध से बढऩे में पीछे रह जाते हंै अत: यदि फसल को शुरू की अवस्था में ही नींदा रहित रखा जाये तो अधिक लाभ होगा। फसल को यदि नींदा से हानि की क्रांतिक अवस्था में ही बचा लिया जाये तो उत्तम होगा यह क्रांतिक अवस्था 20-25 दिनों की फसल की होती है। आप निम्न करें – बुआई पूर्व भूमि उपचार के उद्देश्य से बासालिन 1 किलो सक्रिय तत्व 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। – हाथ से निंदाई करके दो पौधों के बीच में छिपे खरपतवार को अवश्य निकालें।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।