ड्रोन तकनीक को भारतीय कृषि के अनुकूल बनायेगा महिन्द्रा : डॉ. गोयनका

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

स्वराज का नया मॉडल जल्द

इंदौर। प्रिसीजन फार्मिंग विदेशों में काफी समय से प्रचलन में हैं, जो मुख्यत: बड़े फाम्र्स के लिये है, महिन्द्रा इसे छोटे फाम्र्स के अनुकूल बनाने के लिये कार्य कर रही है, जो भारतीय कृषि के लिये उपयुक्त होगी। यह जानकारी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के प्रबंध संचालक डॉ. पवन गोयनका ने कृषक जगत के श्री सचिन बोन्द्रिया से चर्चा के दौरान दी। डॉ. गोयनका विगत दिनों आटोमोटिव टेस्टिंग सेंटर के उद्घाटन समारोह के लिये इंदौर प्रवास पर आये थे।
डॉ. गोयनका ने बताया कि प्रिसीजन फॉर्मिंग लम्बी अवधि का प्रोजेक्ट है। इसमें हम मुख्यत: इनपुट कास्ट कैसे कम की जा सकती है, जैसे उर्वरक, केमिकल, पानी आदि का उपयोग कैसे कम कर सकते हैं। इनकी जितनी आवश्यकता हो उतना ही उपयोग किया जा सके। उत्पादकता कैसे बढ़ाई जा सकती है? फसलों में रोग-कीटों की जानकारी समय पर मिल सके। तकनीक उपलब्ध है किंतु लागत अधिक है, महिन्द्रा इसे भारतीय कृषि एवं किसान के अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
ट्रैक्टर निर्माण के क्षेत्र में महिन्द्रा नई परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए डॉ. गोयनका ने बताया कि महिन्द्रा तीन साल में तीन नये मॉडल लांच कर चुका है। अभी मित्सुबिशी एग्रीकल्चर तथा महिन्द्रा एंड महिन्द्रा नये ट्रैक्टरों पर काम कर रहा है, यह एक ग्लोबल प्रोजेक्ट है। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के स्वराज डिवीजन द्वारा आगामी छह माह में एक नया मॉडल लांच करने की भी योजना है।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

15 + two =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।