फसल बीमा व मृदा स्वास्थ्य योजना कितनी सार्थक

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

भारत सरकार ने विगत दिनों कृषि तथा कृषक कल्याण मंत्रालय का पिछले वर्ष का लेखा-जोखा दिया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत देश के 309 लाख किसान इस योजना में खरीफ 2015 में सम्मिलित हुए हैं। इसमें से 15 लाख किसान ऐसे थे जिन्होंने खेती के लिये ऋण लिया था। खरीफ 2016 में यह संख्या बढ़ कर 366.64 लाख ही पहुंच पाई। इसमें 264.04 लाख वर्ष 2011 की सेन्सर के अनुसार देश में कुल 1186 लाख किसान हैं। इस प्रकार देश के मात्र 30.9 प्रतिशत किसान ही प्रधानमंत्री की इस योजना में सम्मिलित हो पाये हैं। खरीफ 2016 में इस योजना में 21 राज्यों में ही इस योजना को लागू किया गया था। किसानों के हित में इस योजना को सभी प्रदेशों तथा सभी किसानों तक पहुंचाने के लिये प्रचार-प्रसार आवश्यक है। इसमें इस योजना में सम्मिलित किसान एक सार्थक भूमिका निभा सकते हैं। सरकारी तंत्र से इस योजना का विस्तार अपनी रफ्तार से होगा। यदि योजना में सम्मिलित किसानों का सहयोग लिया जाये तथा उन्हें नये किसानों को योजना में सम्मिलित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाये तो इसके परिणाम अच्छे मिल सकते हैं।
भारत सरकार की किसानों के लिये दूसरी प्रमुख योजना मृदा स्वास्थ्य (स्वाइल हेल्थ) कार्ड है। जिसमें मार्च 2017 तक किसान के खेतों से 253 लाख मृदा के नमूने लेने का लक्ष्य है। जिसमें से 27 दिसम्बर 2016 तक 233 लाख मिट्टी के नमूने देश के किसानों के खेतों से लिए जा चुके थे, मार्च 17 तक लक्ष्य पूरा तो हो जायेगा। 233 लाख मिट्टी के नमूनों के आधार पर 1282 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड बने हंै। इनमें से 431 लाख मृदा कार्ड मुद्रित हो गये हैं और 425 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों तक पहुंच गये हैं। वर्ष 2016-17 में 20 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने है। जिनसे 110 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाये जायेंगे। मृदा परीक्षण के लिये देश भर में वर्ष 2014 से 2017 के बीच 460 मृदा परीक्षण लेबोटरी खोली जानी है। इनके अतिरिक्त 4000 मिनी लेव भी राज्य सरकारों को प्रदाय की जायेगी।
किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदाय करने के बाद किसानों को उसके आधार पर उर्वरकों के प्रबंधन तथा उर्वरकों के गुणों का प्रशिक्षण देना होगा ताकि किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग कर फसलों की लागत को कम कर सकें तथा अपनी भूमि को फसलों के उत्पादन के लिए टिकाऊ बनाये रखें। अन्यथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की योजना निरर्थक हो जायेगी।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 + eleven =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।