दलहन उत्पादन 200 लाख टन पार करने की उम्मीद

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मुंबई। देश में दलहन का उत्पादन पिछले सभी रिकॉर्डों के साथ ही सरकारी अनुमानों को भी पीछे छोड़ सकता है और इस फसल वर्ष  में 200 से 215 लाख टन का नया कीर्तिमान बना सकता है। इसका संकेत देशभर में किसानों, प्रसंस्करणकर्ताओं, कारोबारियों और आयातकों के सर्वेक्षण से मिल रहा है। इस बार सामान्य मानसून और इसके सभी हिस्सों में फैलाव से यह मुकाम हासिल करने में मदद मिलेगी।
देश में हर साल सभी किस्मों की 220 लाख टन से अधिक दालों की खपत होती है। इस साल घरेलू उत्पादन बढऩे से आयात कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि आयातकों का कहना है कि खरीफ सीजन के अंत में बारिश से कुछ दलहन फसलों को नुकसान की खबरें आई हैं, जिससे आयात ज्यादा रहने का अनुमान है।
खरीफ  सीजन में दलहन उत्पादन 85 से 95 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर रह सकता है, जबकि सरकारी अनुमान 87 लाख टन का है। किसान आगामी रबी सीजन में चने का रकबा बढ़ाने को लेकर उत्साहित हैं।
रबी सीजन में दलहन उत्पादन 115 से 125 लाख लाख टन रहने का अनुमान है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा चने का होगा। चने के बारे में किसानों का मानना है कि यह कम लागत और अधिक पैदावार देने वाली फसल है। कुछ जगह मूंग की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गई हैं, लेकिन वहां सरकारी एजेंसियों ने खरीद शुरू की है। किसानों ने बेहतर आमदनी की उम्मीद में दलहन की ज्यादा बुआई की है।
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में फसल पकते समय भारी बारिश के कारण मूंग और उड़द की फसलों को नुकसान की खबरें आई हैं, लेकिन इसके बावजूद इस साल देश में दलहन का रिकॉर्ड उत्पादन हो सकता है। इससे दालों की कीमतें नियंत्रित रहेंगी।

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