कृषकों की आय दोगुना करने की रणनीति बनायें

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भोपाल-होशंगाबाद संभाग की बैठक

प्रमुख बिन्दु

  • अमानक स्तर के आदान विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें।
  • किसान अंतरवर्तीय फसलें लें।
  • हर योजना का पंचवर्षीय कार्यक्रम बनाएं।
  • घंटे में फसल क्षति का आकलन कराएं।
  • कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाईन पंजीयन कराएं।

भोपाल। कृषकों की आय को दोगुना करने के लिए रणनीति बनाएं। अमानक स्तर के खाद, बीज, दवा विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करवाएं। कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अन्तरवर्तीय फसलों की बोनी के लिए प्रेरित करें। उत्पादन का सही आकलन करने के लिए फसल कटाई प्रयोग करवाएं। हर योजना का पंचवर्षीय कार्यक्रम बनाकर उस पर अमल प्रारंभ करें। यह निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा ने भोपाल- नर्मदापुरम की संभागीय बैठक में अधिकारियों को दिए।
श्री मीणा ने कहा कि फसल बीमा योजना के प्रीमियम की राशि निर्धारित तारीख तक आवश्यक रूप से जमा करायें। किसी प्रकार का नुकसान होने पर 72 घंटे में क्षति का आकलन कर संबंधित कृषक को एसएमस के माध्यम से सूचना दें। कृषि योजनाओं के प्रचार-प्रसार में संचार माध्यमों का अधिक उपयोग करें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि खाद का अग्रिम उठाव किया जाये। ऋणी किसानों से ऋण जमा कराएं ताकि वे मुख्यमंत्री सहकारी अनुदान योजना का लाभ ले सकें।
प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने कहा कि फसल बीमा योजना की क्षतिपूर्ति, सिंचित और असिंचित फसलें अधिसूचित क्षेत्र में लागू होगी। अग्रणी किसान के लिए भू-अधिकार पुस्तिका, सक्षम अधिकारी द्वारा बोनी का प्रमाण-पत्र, पूर्णत: भरा हुआ घोषणा-पत्र, पहचान-पत्र होना आवश्यक है। किसान का जन-धन योजना में खाता खुला होना चाहिए। इसमें हर जिले से 50 हजार किसानों को जोडऩा होगा। डॉ. राजौरा ने कहा कि जितना फसल को नुकसान होगा उतनी दावा राशि बढ़ती जायेगी।
डॉ. राजौरा ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में अंतरवर्तीय फसलें जैसे अरहर-मक्का, सोयाबीन-मक्का, मूँग-उड़द, सोयाबीन, धान आदि की बोनी कर फसल चक्र अपनाएं। संचालक कृषि अभियांत्रिकी श्री राजीव चौधरी ने कहा कि उन्नत खेती के लिए ऑनलाईन कृषि यंत्रों का पंजीयन किया जा रहा है। आयुक्त सहकारिता ने कहा कि कृषक खाद का अग्रिम उठाव करें।
बैठक में प्रबंध संचालक बीज संघ ने संभाग में बीज उपलब्धता की जानकारी दी। बैठक में संभागायुक्त श्री एस.वी. सिंह, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री अरुण तिवारी, प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, पंजीयक सहकारिता श्री मनीष श्रीवास्तव, संचालक कृषि श्री मोहनलाल, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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