धान को बचाएं शीथ ब्लाइट से
धान को बचाएं शीथ ब्लाइट से – चावल महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है और दुनिया की लगभग आधी आबादी के लिए दैनिक आहार का एक अनिवार्य हिस्सा है, भारत दुनिया में धान का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश
धान की खेती से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। यहां उन्नत एवं अधिक उपज देने वाली धान की किस्में, कम पानी वाली किस्में, डीएसआर (सीधी बुआई) तकनीक, बोरो धान, जेठी धान, बुआई का समय, बीज दर, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई, भंडारण तथा उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञ सलाह और नवीनतम अपडेट उपलब्ध हैं। धान की फसल में पीलेपन, पोषक तत्वों की कमी और अन्य कृषि समस्याओं के समाधान भी यहां पढ़ें।
धान को बचाएं शीथ ब्लाइट से – चावल महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है और दुनिया की लगभग आधी आबादी के लिए दैनिक आहार का एक अनिवार्य हिस्सा है, भारत दुनिया में धान का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश
27 अगस्त 2020, रायपुर। धान में नींदा नियंत्रण के लिए सलाह – कृषि विभाग ने धान की फसलों को हानिकारक कीटों से बचाने के लिए किसानों को प्रकाश प्रपंच का उपयोग करने के साथ ही निदा नियंत्रण हेतु दवाओं की
19 अगस्त 2020, भोपाल। धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 15 सितंबर से – खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान, मोटा अनाज के उपार्जन के लिए 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 20 तक किसानों के पंजीयन की कार्रवाई की
पिछली खरीफ के पंजीकृत किसानों को इस वर्ष भी पंजीकृत माना जाएगा 14 अगस्त 2020, रायपुर। धान,मक्का खरीदी के लिए दुबारा पंजीयन आवश्यक नहीं – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान और मक्का खरीदी के लिए खरीफ वर्ष 2019-20 में पंजीकृत किसानों
14 अगस्त 2020, रायपुर। धान खरीदी के लिए अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल लेगा : खाद्य मंत्री श्री भगत – खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने यह स्पष्ट किया है कि आगामी खरीफ फसलों के अंतर की राशि के संबंध में फैसला
धान में ऐसे करें कीट एवं रोग की रोकथाम – खाद्यान्न फसलों में धान का प्रमुख स्थान है। धान विश्व की प्रमुख खाद्यान्न फसलों में से एक है। भारत में आधी आबादी भोजन हेतु धान पर निर्भर करती है। ऐसा
खरीफ बोनी 965 लाख हेक्टेयर पार नई दिल्ली। देश में अब तक धान का रकबा 47 लाख हेक्टेयर बढ़ा – देश में किसान खरीफ बुवाई में जुटे हुए हैं। कृषि मंत्रालय के मुताबिक 7 अगस्त तक 965.55 लाख हेक्टेयर में
धान में पोषक तत्वों का महत्व – धान की अधिक पैदावार के लिये एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एक महत्वपूर्ण उपाय हैं, जिसमें रसायनिक उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, जैविक उर्वरक, हरी-नीली शैवाल, गोबर की खाद एवं हरी खाद आदि का समुचित
धान के जिलेवार आंकड़े धान के जिलेवार आंकड़े – मध्यप्रदेश में धान की जिलेवार क्षेत्रफल, उत्पादन, उत्पादकता के आंकड़ो के लिए यहाँ क्लिक करें For district wise Area, Production & Yield of Paddy in Madhya pradesh Click here
धान में समय पर निंदाई जरूरी धान में समय पर निंदाई जरूरी – धान की खेती कृषक छिड़काव, कतार एवं रोपा विधि से करते है। छिड़काव एवं कतार विधि से बुवाई वाली फसलों में खरपतवारों की ज्यादा समस्या रहती है।