आवक घटने से प्याज की कीमतों में उछाल
24 अक्टूबर 2020, इंदौर। आवक घटने से प्याज की कीमतों में उछाल – इंदौर में नवरात्रि में भी प्याज की अच्छी मांग बनी हुई है ,लेकिन आवक कम होने से प्याज की कीमतों में उछाल आ गया है ।फुटकर में अच्छी किस्म
प्याज की खेती से जुड़ी ताज़ा खबरें, उन्नत एवं अधिक उपज देने वाली किस्में, बुआई का समय, बीज दर, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई, भंडारण, बाजार भाव और किसानों के लिए उपयोगी कृषि सलाह।
24 अक्टूबर 2020, इंदौर। आवक घटने से प्याज की कीमतों में उछाल – इंदौर में नवरात्रि में भी प्याज की अच्छी मांग बनी हुई है ,लेकिन आवक कम होने से प्याज की कीमतों में उछाल आ गया है ।फुटकर में अच्छी किस्म
समस्या- प्याज की पत्तियां ऊपर की ओर से सूख रही हैं। कंद नहीं बन रहे हैं, उपाय बतायें। समाधान- प्याज की फसल को प्रति हेक्टर 100 किलोग्राम पोटाश की आवश्यकता होती है। इसकी कमी होने पर पत्तियां ऊपर से नीचे
29 सितंबर 2020, नई दिल्ली। प्याज बीज के निर्यात पर भी प्रतिबन्ध – केंद्र सरकार ने देश में प्याज के बढते भावों और स्टॉक की भारी कमी को देखते हुए प्याज बीज के निर्यात पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया है.
15 सितंबर 2020, नई दिल्ली। प्याज के निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध लगाया – केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को प्याज की निर्यात नीति में संशोधन करते हुए प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध
खरीफ प्याज की उन्नत कृषि कार्यमाला खरीफ प्याज की उन्नत कृषि कार्यमाला – प्याज एक महत्वपूर्ण सब्जी एवं मसाला फसल है। इसमें प्रोटीन एवं कुछ विटामिन भी अल्प मात्रा में रहते हैं। प्याज में बहुत से औषधीय गुण पाये जाते
निमाड़ में प्याज की फसल निकाल रही आंसू किसान श्री बाबू कुशवाह, श्री भारत कनोजे, श्री अनोखीलाल इन्नेहोंने बताया कि एक हेक्टेयर में करीब 240 क्विंटल प्याज का उत्पादन हुआ, लेकिन उचित भाव नहीं मिलने से किसान निराश हैं. किसानों
वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक कुलपति की अध्यक्षता में संपन्न रीवा। कृषि विज्ञान केन्द्र रीवा द्वारा 19वीं वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार बिसेन ने की। कार्यक्रम में कृषि
(राजीव कुशवाह, नागझिरी)। अतिवृष्टि से त्रस्त अंचल के किसानों का दिवाली के बाद भी बारिश ने पीछा नहीं छोड़ा है। कटी हुई खरीफ फसलें अंकुरित हो जाने से किसानों का नुकसान हुआ है। ऋण माफी नहीं होने के साथ ही
समस्या – पढऩे में आया है कि प्याज की वर्षाऋतु में होने वाली किस्म तैयार हो चुकी है बीज कहां मिलेगा, बतायें। समाधान- खरीफ प्याज की खेती कई दशकों से होती आई है महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक इत्यादि अन्य प्रदेशों
जलवायु : प्याज ठण्डे मौसम की फसल है। इसे सम जलवायु में अच्छी तरह से उगाया जा सकता है। प्याज की फसल के लिए बल्ब बनने के पूर्व 12.80 – 210 सेन्टीग्रेड एवं बल्ब के विकास हेतु 15.50 – 250