सरसों को तना गलन से बचायें
रोग को कैसे पहचानें? – रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेत अंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना
सरसों की खेती से जुड़ी ताज़ा खबरें, उन्नत एवं अधिक उपज देने वाली किस्में, बुआई का समय, बीज दर, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई, भंडारण और उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी यहां प्राप्त करें। सरसों की खेती के लिए विशेषज्ञ सलाह और नवीनतम कृषि अपडेट भी पढ़ें।
रोग को कैसे पहचानें? – रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेत अंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना
समस्या- सरसों 5 बीघा में लगाई है पत्तियों पर रतुआ लगने लगा है। रोकथाम के उपाय बतायें। समाधान- सफेद रतुआ सरसों पर आने वाली बीमारी एक फफूंद के द्वारा आती है। जो पत्तों पर छोटे धब्बे के रूप में आकर
सरसों की फसल में कीट एवं रोग प्रबंधन – सरसों की उपज को बढ़ाने तथा उसे टिकाऊपन बनाने के मार्ग में नाशक जीवों और रोगों का प्रकोप एक प्रमुख समस्या है। इस फसल को कीटों एवं रोगों से काफी नुकसान
पीला सोना सरसों की भरपूर उपज लें – सरसों (राया) रबी में उगाई जाने वाली राजस्थान व मध्यप्रदेश की प्रमुख तिलहनी फसल है। राजस्थान में सरसों की औसत पैदावार बहुत कम है। सरसों में उन्नत शस्य क्रियाएं व उन्नत किस्मों
मध्यप्रदेश में प्रति हेक्टेयर 20 क्विंटल होगा चने और सरसों का उपार्जन
अल्टरनेरिया झुलसा: सरसों का यह रोग बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस रोग के लगने से 15-71 प्रतिशत तक उत्पादन में कमी हो जाती है। इस रोग का मुख्य लक्षण पौधे के पूरे भाग में दिखाई देता है तथा सबसे
गेहूं का एमएसपी 1925 रु. प्रति क्विंटल हुआ समर्थन मूल्य में 85 से 325 रु. प्रति क्विंटल तक बढ़े नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गत दिनों हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने रबी 2019-20 के लिए फसलों