मसाला फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण तथा प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला आयोजित

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14 मार्च 2022, बुरहानपुर । मसाला फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण तथा प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला आयोजित – प्रधानमंत्री द्वारा फसल विविधीकरण अंतर्गत मसाला फसलों के उत्पादन प्रसंस्करण एवं प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन हेतु कार्य करने पर बल देने हेतु  बुरहानपुर पहला ऐसा जिला है, जिसने कृषि विभाग और उद्यानिकी विभाग के परस्पर सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन किया है। यह दो दिवसीय कार्यशाला इंदिरा कॉलोनी स्थित परमानंदजी गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम, इंदिरा कॉलोनी में 13 – 14 मार्च को आयोजित की गई है।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान वर्चुअल माध्यम से इस कार्यशाला में शामिल हुए।

 मुख्यमंत्री  श्री शिवराज सिंह चौहान  जिला कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के अनुरोध पर वर्चुअल माध्यम से इस कार्यशाला में शामिल हुए । 11 बजे इस कार्यक्रम का शुभारंभ  मुख्यमंत्री के उद्बोधन से हुआ। श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि बुरहानपुर जिला केला खेती में सर्वाेपरि है, किंतु मसाला उत्पादन के क्षेत्र में भी आने वाले समय में अग्रणी होगा। हल्दी, अदरक, अजवाइन, लहसुन, प्याज इत्यादि मसालों के निर्यात में दक्षिण के राज्य आगे रहे हैं, आगे आने वाले समय में हमारे मध्य प्रदेश के दक्षिण का यह जिला कीर्तिमान स्थापित करेगा।किसान, व्यापारी, शासकीय व अशासकीय संस्थाओं के मध्य सामंजस्य स्थापित करते हुए निर्यात के क्षेत्र में कामयाब होना हमारा उद्देश्य रहेगा।  बुरहानपुर मसालों की खेती उत्पादन प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और पैकेट पैकेजिंग में मध्य प्रदेश को लीड करेगा। इस हेतु शासन द्वारा संभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जावेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बुरहानपुर जिला प्रशासन और जिला कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि, कोविड समाप्त होने वाला सबसे पहला जिला बुरहानपुर रहा। नागरिकों की सूझबूझ से जैसा मुकाबला बुरहानपुर ने किया यह अनुकरणीय है। 

पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस के सौजन्य और मार्गदर्शन में आयोजित  इस कार्यशाला में  संभागायुक्त  सहित देश प्रदेश के अनेक कृषकगण, श्रोतागण, कृषि ज्ञाता वैज्ञानिक शासकीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से  शामिल हुए , वहीं सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, पूर्व महापौर श्री अनिल भोसले, श्री किशोर पाटिल, श्री मनोज लधवे, श्री विजय गुप्ता, श्री राजाराम पाटीदार, श्री अशोक महाजन, श्री लक्ष्मण महाजन, श्री विनोद पाटिल, श्री नाना पाटील श्री गुल सिंह बर्नें, कैलाश यावतकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण व गणमान्य नागरिकगण उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन उप संचालक कृषि श्री एम. एस. देवके तथा उप संचालक उद्यानिकी श्री आर एन एस तोमर द्वारा व्यक्त किया गया ।
 
 कृषि भूमि व मसाला फसलें तथा वातावरण का अध्ययन  : इसके पूर्व तीन दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन  जिले में विभिन्न अनुसंधान संस्थानों से पधारे हुए  वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा बुरहानपुर जिले के अलग-अलग ग्रामों में भ्रमण  किसानों से रूबरू होकर जिले की कृषि भूमि व मसाला फसलें तथा वातावरण का अध्ययन किया गया । यह जानकारी देते हुए परियोजना संचालक आत्‍मा श्री एम.एस.देवके ने बताया कि  धनिया एवं अजवाइन फसल के लिए ग्राम गुलई, सिन्धखेडा एवं जम्बुपानी में डॉ. आई.एस. नरुका सहायक निदेशक, अनुसंधान राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर एवं डॉ. श्यामसिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र नीमच, वैज्ञानिक श्री कार्तिकेय सिंह कृषि विज्ञान केंद्र बुरहानपुर, हल्दी फसल के लिए फोपनार एवं नाचनखेडा में वैज्ञानिक श्रीमती मेघा विभुते, श्रीमती मोनिका जायसवाल, कृषि विज्ञान केंद्र बुरहानपुर, मिर्च फसल के लिए डॉ. आर.के. सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र खरगोन, अदरक फसल के लिए श्री राहुल सातारकर, कृषि विज्ञान केंद्र बुरहानपुर एवं अन्य जिले टीकमगढ, शहडोल एवं बदनावर (धार) से आए  प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों  द्वारा भ्रमण किया गया।  

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